चाणक्य न्यूज़ इंडिया | विशेष कवर स्टोरी
कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में सीमा पर सघन निगरानी; जमीनी अभियानों में इंस्पेक्टर/GD अमित कुमार की सक्रिय भूमिका
विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
भारत–नेपाल सीमा, 09 अगस्त। भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अवैध गतिविधियों और खाद की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), मोतिहारी की लगातार निगरानी एक बार फिर प्रभावी साबित हुई है। रविवार को वाहिनी के समवाय/BOP बरहरवा के सीमा स्तंभ जांच गश्ती दल ने सीमा क्षेत्र से 1125 किलोग्राम यूरिया खाद बरामद की। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया।
प्राप्त मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीमा स्तंभ जांच गश्ती दल नियमित गश्त कर रहा था। इसी दौरान BP No. 362/4 के समीप भारतीय क्षेत्र में लगभग 20 मीटर अंदर झाड़ियों में छिपाकर रखी गई यूरिया की बोरियों पर जवानों की नजर पड़ी।
तलाशी के दौरान 25 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई। प्रत्येक बोरी का वजन 45 किलोग्राम बताया गया है, जिससे जब्त खाद का कुल वजन 1125 किलोग्राम है।
बरामद यूरिया को नियमानुसार जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए थाना जितना में जमा किए जाने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में लगातार चौकसी
भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए 71वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में सीमा क्षेत्र में तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार निगरानी, गश्त एवं सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
खुली सीमा पर प्रभावी सुरक्षा के लिए केवल चौकियों पर तैनाती पर्याप्त नहीं होती। सीमावर्ती पगडंडियों, खेतों, झाड़ियों और संभावित अवैध रास्तों पर नियमित निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इसी रणनीतिक सतर्कता का परिणाम बरहरवा क्षेत्र की इस कार्रवाई में भी दिखाई देता है।
फील्ड ऑपरेशन में इंस्पेक्टर/GD अमित कुमार की सक्रिय भूमिका
71वीं वाहिनी के विभिन्न जमीनी अभियानों में इंस्पेक्टर/GD अमित कुमार की सक्रिय भूमिका भी उल्लेखनीय रही है। फील्ड स्तर पर गश्ती दलों के बीच समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा अभियान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
कमांड स्तर पर कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार का निर्देशन और फील्ड स्तर पर इंस्पेक्टर/GD अमित कुमार सहित अधिकारियों एवं जवानों की सक्रियता—यह समन्वय सीमा पर 71वीं वाहिनी की कार्यप्रणाली को मजबूती प्रदान करता है।
1125 किलो यूरिया की बरामदगी के बाद जांच के सामने अहम सवाल
इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया सीमा स्तंभ के निकट झाड़ियों में क्यों और किसके द्वारा छिपाया गया था? इसकी आपूर्ति कहां से हुई और इसे कहां पहुंचाया जाना था? इन सवालों के जवाब आगे की जांच से सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता के संबंध में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। हिरासत में लिए गए व्यक्ति तथा बरामद सामग्री के आधार पर होने वाली जांच से पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
सरहद की सुरक्षा में सतर्कता ही सबसे मजबूत कड़ी
71वीं वाहिनी की यह कार्रवाई केवल यूरिया की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पर लगातार की जा रही निगरानी का भी उदाहरण है। कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन, इंस्पेक्टर/GD अमित कुमार सहित फील्ड अधिकारियों के समन्वय और सीमा पर तैनात जवानों की सतर्कता ने एक बार फिर संभावित अवैध आवाजाही को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
