सीमा पर व्यापार, पहाड़ों में राहत: वीरगंज–रक्सौल से भारत ने दिया साझेदारी का संदेश

राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने दोनों देशों की एकीकृत जांच चौकियों का लिया जायजा; उद्योग जगत और पत्रकारों से संवाद कर नेपाल को दी जा रही सहायता का रखा ब्योरा

विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर | चाणक्य न्यूज़ इंडिया

वीरगंज/रक्सौल। वीरगंज–रक्सौल सीमा भारत और नेपाल के बीच व्यापार की प्रमुख धुरी होने के साथ दोनों देशों के जनस्तरीय संबंधों की भी मजबूत कड़ी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के 11 और 12 सितंबर के दो दिवसीय दौरे में इसी सीमा क्षेत्र से व्यापार, उद्योग, आधारभूत संरचना और आपदा सहायता को गति देने का संदेश सामने आया।

दौरे के दौरान राजदूत ने वीरगंज और रक्सौल की एकीकृत जांच चौकियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, सामाजिक संगठनों और पत्रकारों से हुई बातचीत में उन्होंने सीमा पार व्यापार को सरल बनाने तथा नेपाल के संकटग्रस्त क्षेत्रों में भारत का सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

दोनों ओर की जांच चौकियों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा

राजदूत श्रीवास्तव ने सबसे पहले वीरगंज स्थित एकीकृत जांच चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने वीरगंज भंसार कार्यालय और टर्मिनल के अधिकारियों से मालवाहक वाहनों की आवाजाही, सीमा शुल्क प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं तथा व्यापार में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी ली।

इसके बाद उन्होंने भारतीय क्षेत्र में स्थित रक्सौल एकीकृत जांच चौकी का दौरा किया। यहां भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण, सशस्त्र सीमा बल, सीमा शुल्क, आव्रजन, पादप संगरोध तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई।

बैठक में सीमा से होने वाले आयात-निर्यात को व्यवस्थित बनाने, वाहनों की आवाजाही में आने वाली बाधाओं को कम करने और दोनों देशों के संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने राजदूत को रक्सौल एकीकृत जांच चौकी की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सुविधाओं से भी अवगत कराया।

उद्योग जगत से सीधा संवाद

वीरगंज में राजदूत श्रीवास्तव ने वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ, नेपाल-भारत उद्योग वाणिज्य संघ और नेपाली युवा उद्यमी मंच के सदस्यों एवं प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

इस दौरान सीमा शुल्क व्यवस्था, माल ढुलाई, औद्योगिक गतिविधियों और भारत-नेपाल आर्थिक साझेदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। वीरगंज नेपाल का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है और यहां के अधिकांश उद्योगों के लिए रक्सौल–वीरगंज मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सीमा पर बेहतर व्यवस्था का सीधा प्रभाव उद्योग, परिवहन और दोनों देशों के व्यापार पर पड़ता है।

राजदूत ने भारत-नेपाल सहयोग मंच तथा नेपाल-भारत मैत्री संघ के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। इस अवसर पर सामाजिक, सांस्कृतिक और जनस्तरीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। रक्सौल स्थित भारतीय दूतावास बंगला परिसर में उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

नेपाल के संकट में राहत से पुनर्संपर्क तक भारत की मदद

12 सितंबर को वीरगंज के स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में राजदूत श्रीवास्तव ने नेपाल में हाल की बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 26 अगस्त 2026 से भारत अब तक नेपाल को 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेज चुका है। इसमें तिरपाल, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लाइट, दवाइयां और प्रभावित परिवारों की दूसरी आवश्यक सामग्री शामिल है। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की आठ उड़ानें संचालित की गईं।

चिलिमे और लांगटांग जैसे दुर्गम क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान के लिए विशेष सुरंग बचाव दल सहित 54 भारतीय विशेषज्ञों को तैनात किया गया है। मृतकों और अज्ञात शवों की पहचान में सहायता के लिए भारत ने डीएनए किट और फॉरेंसिक सहयोग भी उपलब्ध कराया है।

बेली ब्रिज से बहाल होगा संपर्क

आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की वजह से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। इन क्षेत्रों में आवागमन बहाल करने के लिए भारत ने बेली ब्रिज के उपकरण और निर्माण सामग्री भेजी है।

राजदूत के अनुसार, 230 फीट लंबे एकल-लेन मॉड्यूलर स्टील पुल के निर्माण की सामग्री 16 ट्रकों से नेपाल पहुंचाई गई है। इसके अतिरिक्त सात अन्य पुलों के लिए भी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। यह सहायता राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से दोबारा जोड़ने में महत्वपूर्ण होगी।

व्यापार से आपदा प्रबंधन तक व्यापक साझेदारी

राजदूत नवीन श्रीवास्तव के वीरगंज–रक्सौल दौरे से भारत-नेपाल सहयोग की दो प्रमुख प्राथमिकताएं सामने आईं। पहली, दोनों देशों के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में शामिल रक्सौल–वीरगंज नाके को अधिक सुगम और प्रभावी बनाना। दूसरी, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नेपाल को राहत, तकनीकी सहायता और संपर्क बहाली में सहयोग देना।

राजदूत ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक मित्रता, पारस्परिक विश्वास और गहरे जनस्तरीय जुड़ाव पर आधारित हैं। नेपाल के विकास, समृद्धि और संकट के समय आवश्यक सहायता के लिए भारत का सहयोग आगे भी जारी रहेगा।

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