स्वच्छता के साथ हरियाली का संकल्प: SSB ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में किया पौधारोपण

स्वच्छ भारत दिवस पर जवानों ने ली स्वच्छता की शपथ, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर

मोतिहारी। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारियों के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया है। 2 अक्टूबर 2026 को “स्वच्छता ही सेवा-2026” अभियान और स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, मोतिहारी द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

वाहिनी मुख्यालय सहित विभिन्न समवाय क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने पौधे लगाए तथा हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

पौधा सिर्फ लगाया नहीं, संरक्षण का भी संकल्प

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा। SSB के जवानों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से पौधारोपण को भावनात्मक और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया। जवानों ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा भी भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

स्वच्छता को जीवनशैली बनाने की शपथ

इस अवसर पर SSB के अधिकारियों और जवानों ने स्वच्छता की शपथ भी ली। कार्मिकों ने स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, अपने कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

इस पहल ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ भारत का लक्ष्य केवल सरकारी कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत भागीदारी से ही पूरा किया जा सकता है।

सीमा सुरक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी

सशस्त्र सीमा बल की भूमिका सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जन-जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से बल लगातार नागरिकों के साथ जुड़ाव भी मजबूत करता रहा है।

पौधारोपण और स्वच्छता अभियान इसी व्यापक सामाजिक दायित्व की तस्वीर प्रस्तुत करता है—जहां जवान देश की सीमा की रक्षा के साथ प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश भी दे रहे हैं।

स्वच्छ भी, हरित भी—यही संकल्प

2 अक्टूबर का यह अभियान महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ता दिखाई दिया। स्वच्छ परिसर, हरित वातावरण और जनभागीदारी के माध्यम से SSB ने एक स्पष्ट संदेश दिया—

“स्वच्छता ही सेवा है और हरियाली भविष्य की सुरक्षा।”

स्वच्छ और हरित भारत के संकल्प के साथ आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक पौधारोपण नहीं, बल्कि प्रकृति, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

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