चाणक्य न्यूज़ इंडिया
कृषि विभाग ने शुरू की जांच; गृहस्वामी के खिलाफ प्राथमिकी की प्रक्रिया, बड़े नेटवर्क की आशंका
श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
आदापुर (पूर्वी चंपारण)। किसानों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली यूरिया खाद की कथित अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ आदापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मूर्तियां गांव स्थित एक मकान में छापेमारी कर पुलिस ने करीब 400 बोरी यूरिया खाद जब्त की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी एवं अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि मूर्तियां गांव निवासी विजय साह के घर में बड़ी मात्रा में यूरिया का कथित रूप से अवैध भंडारण किया गया है।
सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष पूजा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी कर तलाशी ली। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में यूरिया की बोरियां मिलीं। इसके बाद कृषि विभाग को मामले की सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे प्रखंड कृषि पदाधिकारी विनय कुमार एवं अन्य कृषि अधिकारियों ने बरामद यूरिया तथा उससे संबंधित कागजात की जांच की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बोरियों की गिनती जारी थी और प्रारंभिक अनुमान करीब 400 बोरी का बताया गया है।
थानाध्यक्ष पूजा कुमारी के अनुसार गृहस्वामी विजय साह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रारंभिक जांच में इस मामले के पीछे बड़े सिंडिकेट की संभावित भूमिका की बात भी सामने आई है। हालांकि, नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता का अंतिम निष्कर्ष पुलिस एवं कृषि विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
बड़ा सवाल—किसानों की खाद इतनी बड़ी मात्रा में एक घर तक कैसे पहुंची?
यह बरामदगी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि यूरिया का भंडारण वैध दस्तावेजों के बिना किया गया था, तो इतनी बड़ी खेप यहां तक कैसे पहुंची? इसकी आपूर्ति कहां से हुई और इसे आगे कहां भेजा जाना था? सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण मामले में संभावित तस्करी के पहलू की भी निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग की जांच आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला केवल अवैध भंडारण तक सीमित है या इसके पीछे खाद की कालाबाजारी अथवा किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका भी है।
