सीमा की चौकसी के साथ सेहत की जिम्मेदारी: सिकटा में SSB ने 275 ग्रामीणों को दी निःशुल्क चिकित्सा सेवा

गांधी जयंती पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ का भी दिया संदेश

श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर

रक्सौल/सिकटा। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के साथ सीमावर्ती ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, रक्सौल ने 2 अक्टूबर 2026 को सिकटा क्षेत्र में मेडिकल सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया।

47वीं वाहिनी के “सी” समवाय, सिकटा के कार्यक्षेत्र अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सड़किया टोला में आयोजित शिविर में डॉ. निशि कांत, कमांडेंट (चिकित्सा), 47वीं वाहिनी एसएसबी ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

शिविर में 135 पुरुष, 88 महिलाएं और 52 बच्चों सहित कुल 275 ग्रामीणों की जांच की गई। वायरल संक्रमण, बुखार, खांसी, त्वचा संबंधी संक्रमण तथा मौसम परिवर्तन से होने वाली विभिन्न बीमारियों के लिए आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया तथा जरूरतमंद ग्रामीणों को निःशुल्क दवाइयां भी दी गईं।

इलाज के साथ बीमारी से बचाव की जानकारी

एसएसबी की मेडिकल टीम ने ग्रामीणों को जलजनित रोगों से बचाव, मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के तरीकों के बारे में जागरूक किया।

कार्यक्रम गांधी जयंती के दिन आयोजित होने के कारण स्वास्थ्य सेवा के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुख रहा। डॉ. निशि कांत ने महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों से घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जल-जमाव नहीं होने देने तथा प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण करने की अपील की।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ से जोड़ा पर्यावरण का संदेश

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीणों को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। संदेश दिया गया कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुरक्षित किया जा सके।

डॉ. निशि कांत ने बताया कि एसएसबी द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में समय-समय पर मेडिकल सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य सुदूर सीमांत इलाकों तक बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य जागरूकता की पहुंच बढ़ाना है।

स्थानीय ग्रामीणों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए एसएसबी की पहल की सराहना की।

बलकर्मियों के स्वास्थ्य पर भी विशेष संवाद

इसी क्रम में अतिरिक्त समवाय मुख्यालय, सिकटा में उपस्थित बलकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के उपायों की जानकारी दी गई। उन्हें स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के लिए जारी आयुष्मान CAPF कार्ड के उपयोग, मेडिकल बिल क्लेम की प्रक्रिया तथा मौसम परिवर्तन के दौरान होने वाली बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया गया।

सीमावर्ती क्षेत्र में आयोजित यह कार्यक्रम केवल चिकित्सा शिविर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को एक मंच पर जोड़ने वाली पहल के रूप में सामने आया। सीमा की सुरक्षा के साथ आम नागरिकों के जीवन से जुड़कर सेवा देने की एसएसबी की भूमिका ने यहां उसके ध्येय—“सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व”—को जमीनी स्वरूप दिया।

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