150 वर्षों की गौरवगाथा को सामूहिक गायन से किया नमन, भारत माता और बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर अर्पित की गई पुष्पांजलि
श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
रक्सौल। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को रक्सौल राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शहर के पोस्ट ऑफिस रोड स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर के नटराज सेवा संगम कार्यालय में भारत विकास परिषद, शाखा-रक्सौल के तत्वावधान में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में जब बच्चे, युवा और वरिष्ठ नागरिक एक स्वर में ‘वन्दे मातरम्’ गाने लगे तो पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के स्वरों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। प्रसिद्ध संगीत गुरु संजय कुमार दास के संगीत संयोजन तथा श्रीराम-जानकी म्यूजिकल ग्रुप की व्यास जूही राज के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं, भारत विकास परिषद के सदस्यों, नटराज सेवा संगम के कलाकारों और नगरवासियों ने सामूहिक रूप से ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया।
नटराज सेवा संगम के धीरज कुमार के निर्देशन में एक छात्रा ने भारत माता और एक विद्यार्थी ने स्वामी विवेकानंद का स्वरूप धारण किया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
भारत विकास परिषद शाखा-रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी एवं कार्यक्रम संयोजक अजय कुमार ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में 9 से 17 अगस्त तक ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सामूहिक गायन, प्रदर्शनी, तिरंगा रैली, ‘सेल्फी विद तिरंगा’ और तिरंगा रंगोली सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों, विशेषकर नई पीढ़ी में राष्ट्रीय एकता, देशप्रेम और भारतीय संस्कृति के प्रति चेतना को मजबूत करना है।
परिषद के सचिव नरेश कुमार एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। वहीं संरक्षक भरत प्रसाद गुप्त एवं अवधेश सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में व्यास जूही राज एवं संगीत गुरु संजय कुमार दास को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
मौके पर भरत प्रसाद गुप्त, अवधेश सिंह, योगेन्द्र प्रसाद, नरेश कुमार, सुनील कुमार, अजय कुमार, दिनेश प्रसाद, विनोद कुमार, अरविंद जायसवाल, विवेक कुमार चौरसिया, धर्मनाथ प्रसाद, शरद सर्राफ, पन्नालाल प्रसाद, अंकेश्वर सर्राफ, धीरज कुमार, राजेश आर्य, सुरेश कुमार, बलराम प्रसाद, पूरन पटेल, अखिलेश कुमार गुप्ता, नीरज गुप्ता सहित सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राएं, आचार्य-आचार्या एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की जानकारी परिषद के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने दी।
