प्रशिक्षित स्वान दस्ते के साथ वाहनों और संदिग्ध सामान की बारीकी से जांच; तस्करी व प्रतिबंधित वस्तुओं की आवाजाही रोकने के लिए 71वीं वाहिनी ने बढ़ाई निगरानी
श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
मोतिहारी/झरोखर। भारत-नेपाल की खुली सीमा पर सामान्य आवाजाही के बीच सुरक्षा की निगाह लगातार चौकस है। सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी, संदिग्ध वस्तुओं और अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम को लेकर 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), मोतिहारी ने झरोखर चेक पोस्ट पर प्रशिक्षित स्वान दस्ते के साथ सघन जांच अभियान चलाया।
18 अगस्त 2026 को कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में ‘बी’ समवाय की बाहरी सीमा चौकी झरोखर चेक पोस्ट पर चलाए गए अभियान के दौरान सीमा से गुजरने वाले वाहनों, यात्रियों और सामान की गहन जांच की गई। जवानों ने आने-जाने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी, जबकि प्रशिक्षित स्वानों की सहायता से वाहनों के अंदर और संदिग्ध सामान को विशेष रूप से जांचा गया।
स्वान दस्ते ने बढ़ाई जांच की क्षमता
सीमा सुरक्षा के इस अभियान में प्रशिक्षित स्वान दस्ता महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। विशेष प्रशिक्षण प्राप्त स्वानों की सूंघने और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने की क्षमता का इस्तेमाल वाहनों तथा सामान की जांच में किया गया।
चेक पोस्ट से गुजरने वाले वाहनों को जांच के दायरे में लेते हुए जवानों ने सतर्कता बरती। उद्देश्य था कि सीमा की सामान्य आवाजाही की आड़ में प्रतिबंधित या संदिग्ध वस्तुओं को भारतीय क्षेत्र में लाने अथवा सीमा पार ले जाने की कोशिशों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
खुली सीमा—सहज रिश्ते, सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा दोनों देशों के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों की विशिष्ट पहचान है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही वाली इस सीमा पर सुरक्षा बलों के सामने चुनौती यह भी रहती है कि सामान्य और वैध आवागमन को प्रभावित किए बिना संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान की जाए।
इसी लिहाज से झरोखर जैसे सीमावर्ती चेक पोस्टों पर नियमित गश्त और जांच के साथ प्रशिक्षित स्वान दस्ते का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करता है।
तस्करी और अवैध गतिविधियों पर निगरानी
भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए SSB द्वारा सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी, गश्त और जांच अभियान चलाए जाते हैं। झरोखर में किया गया सघन जांच अभियान इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तस्करी, प्रतिबंधित सामान की आवाजाही और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
यह अभियान एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है—भारत-नेपाल की खुली सीमा दोनों देशों के लोगों को जोड़ती है, लेकिन इस सहजता का दुरुपयोग करने वाली गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा व्यवस्था सतर्क है।
झरोखर चेक पोस्ट पर प्रशिक्षित स्वान दस्ते के साथ जवानों की सक्रियता इसी चौकसी को रेखांकित करती है—सीमा पर आवाजाही सहज रहे, लेकिन अवैध गतिविधियों के लिए रास्ता आसान न हो।
