जन्मदिन जब सेवा का संकल्प बना: ममता माहेर निवास में स्वास्थ्य, संवेदना और मुस्कान का उत्सव

सिस्टर लुसी कुरियन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आरोग्य चरिटेबल ट्रस्ट ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर; बीपी-शुगर जांच के साथ जरूरतमंदों को मिला स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
रक्सौल अनुमंडल संवाददाता | चाणक्य न्यूज़ इंडिया

रक्सौल, 10 सितंबर 2026।

कुछ जन्मदिन केवल केक काटने और शुभकामनाएं देने तक सीमित नहीं रहते। जब किसी व्यक्ति का जीवन ही सेवा को समर्पित हो, तो उसके जीवन से जुड़ा विशेष अवसर भी दूसरों के चेहरे पर मुस्कान और उम्मीद लेकर आता है। गुरुवार को रक्सौल स्थित ममता माहेर निवास में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला।

माहेर की संस्थापक-निर्देशक सिस्टर लुसी कुरियन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आरोग्य चरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल, रक्सौल द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां रहने वाले जरूरतमंद लोगों की ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जांच की गई तथा उन्हें नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।

सेवा को समर्पित हुआ विशेष दिन

कार्यक्रम का उद्घाटन आरोग्य चरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. कुमार मनीष, Axis Bank के जोनल मैनेजर तथा ममता माहेर से जुड़े वीरेंद्र जी ने किया।

चिकित्सकीय टीम ने आश्रय स्थल पर मौजूद लोगों की बीपी और ब्लड शुगर जांच की। उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने, असामान्य रिपोर्ट आने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी गई।

इस दौरान Axis Bank के अधिकारियों की टीम ने ममता माहेर निवास में रह रहे लोगों के बीच केक और मिठाइयां बांटीं। परिसर में कुछ समय के लिए उत्सव जैसा वातावरण बन गया। जिन लोगों के जीवन में परिस्थितियों ने कई कठिन अध्याय लिखे हैं, उनके बीच यह आयोजन अपनत्व और सामूहिक खुशी का अवसर बन गया।

एक आश्रय से शुरू हुआ था ‘माहेर’ का सफर

सिस्टर लुसी कुरियन की सेवा-यात्रा कई दशकों पुरानी है। उन्होंने वर्ष 1997 में महाराष्ट्र के पुणे के निकट माहेर की स्थापना की थी। मराठी में ‘माहेर’ का अर्थ मां का घर या मायका है। इसकी शुरुआत संकटग्रस्त और बेसहारा महिलाओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुई थी। बाद में इसका दायरा बच्चों, पुरुषों, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद समुदायों तक विस्तृत होता गया।

माहेर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 30 जुलाई 2026 तक संस्था के 7 राज्यों में 73 आवासीय गृह संचालित हो रहे थे। संस्था के आंकड़ों के मुताबिक उसकी स्थापना के बाद से 6,077 महिलाओं, 5,078 बच्चों और 1,879 पुरुषों को आश्रय दिया जा चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि एक छोटे से आश्रय से शुरू हुई पहल आज कितने बड़े मानवीय सेवा नेटवर्क में बदल चुकी है।

महिलाओं और बच्चों के कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सिस्टर लुसी कुरियन को वर्ष 2021 में जमनालाल बजाज पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

रक्सौल में भी बेसहारों का सहारा बना ममता माहेर

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल में माहेर ममता निवास उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय के रूप में उभरा है, जिन्हें परिवार और समाज का सहारा नहीं मिल पाता। यहां जरूरतमंद, असहाय और बेसहारा लोगों को आश्रय तथा देखभाल उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता रहा है।

जुलाई 2026 में रक्सौल स्थित माहेर ममता निवास परिसर में चार नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन भी किया गया था, जिससे असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुला।

यही कारण है कि गुरुवार का स्वास्थ्य कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा। एक ओर सिस्टर लुसी कुरियन की सेवा-यात्रा का सम्मान था, तो दूसरी ओर उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की पहल भी थी।

आरोग्य चरिटेबल ट्रस्ट ने दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

आरोग्य चरिटेबल ट्रस्ट की टीम ने कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताया कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कराना स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान में सहायक हो सकता है। लोगों से किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. कुमार मनीष, हेमंत कुमार, चंदन कुमार, कनैहा कुमार, मनीष कुमार मंडल, Axis Bank रक्सौल की टीम तथा माहेर ममता निवास के वीरेंद्र जी एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आरोग्य चरिटेबल ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी स्वास्थ्य जानकारी को पहुंचाना है।

जहां जन्मदिन की खुशी किसी जरूरतमंद की मुस्कान बन गई

ममता माहेर निवास में गुरुवार को मनाया गया यह विशेष अवसर एक संदेश भी छोड़ गया—उत्सव की सबसे सुंदर अभिव्यक्ति वह है, जिसमें किसी दूसरे व्यक्ति को सम्मान, स्वास्थ्य, अपनापन और खुशी मिले।

सिस्टर लुसी कुरियन ने जिस सोच के साथ बेसहारा लोगों के लिए ‘माहेर’ यानी मां के घर की परिकल्पना की थी, उसी भावना की एक छोटी लेकिन खूबसूरत तस्वीर रक्सौल में दिखाई दी।

यहां केक भी कटा, मिठाइयां भी बांटी गईं, लेकिन इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि शायद वह मुस्कान थी, जो ममता माहेर निवास में रहने वाले लोगों के चेहरों पर दिखाई दी।

जन्मदिन एक व्यक्ति का था, लेकिन उसकी खुशी कई जिंदगियों के हिस्से में आई।

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