तकनीक बनी ताकत, पुलिस की मेहनत लाई रंग — एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देशन में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ की एक और बड़ी सफलता
मोतिहारी | 28 अगस्त 2026
विशेष रिपोर्ट — श्यामल प्रतीक
रक्षाबंधन का त्योहार रिश्तों, भरोसे और खुशियों का पर्व है। इसी खास मौके पर मोतिहारी पुलिस ने 102 लोगों को ऐसी सौगात दी, जिसकी शायद उन्होंने उम्मीद भी छोड़ दी थी।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत पुलिस ने करीब 15 लाख रुपये मूल्य के 102 खोए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिया। लंबे समय बाद जब किसी के हाथ में उसका खोया फोन पहुंचा, तो चेहरे पर मुस्कान थी और पुलिस के प्रति विश्वास भी।
एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देशन में चला तकनीकी अभियान
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर जिला पुलिस की आईटी सेल ने खोए एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए तकनीकी अनुसंधान और ट्रेसिंग शुरू की। लगातार प्रयास के बाद अलग-अलग स्थानों से 102 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बरामद मोबाइलों को वापस करने के लिए पुलिस लाइन स्थित सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सत्यापन के बाद फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।
‘संचार साथी’ बना पुलिस और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी
मोबाइल खोने वाले लोगों द्वारा ‘संचार साथी’ पोर्टल/ऐप पर दी गई शिकायतों को आधार बनाकर पुलिस ने तकनीकी कार्रवाई आगे बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, अब तक 21 चरणों में करीब छह करोड़ रुपये मूल्य के स्मार्टफोन उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाए जा चुके हैं।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल खोने अथवा चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी कार्रवाई शुरू की जा सके।
रक्षाबंधन पर सिर्फ मोबाइल नहीं लौटे, भरोसा भी लौटा
इस अभियान की सबसे खूबसूरत तस्वीर उन लोगों के चेहरों पर दिखाई दी, जिन्हें लंबे इंतजार के बाद अपना फोन वापस मिला। किसी मोबाइल में परिवार की यादें थीं, किसी में जरूरी दस्तावेज और किसी के लिए वह उसकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई कीमती चीज थी।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ की सफलता सिर्फ 102 मोबाइल की बरामदगी का आंकड़ा नहीं है—यह पुलिसिंग के उस स्वरूप की तस्वीर है, जहां तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता मिलकर आम आदमी तक परिणाम पहुंचाती है।
रक्षाबंधन के अवसर पर मोतिहारी पुलिस ने अपने अभियान के नाम को सही मायने में सार्थक किया—
102 मोबाइल लौटे और उनके साथ 102 चेहरों पर ‘मुस्कान’ भी लौट आई।
विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
पूर्वी चंपारण जिला संवाददाता, बिहार
