FLOOD राहत में ढिलाई नहीं, तटबंधों पर रात में भी गश्त करें: मुख्यमंत्री
चार जिलों का हवाई सर्वेक्षण, डुमरिया घाट पर गंडक के बढ़े जलस्तर का लिया जायजा
मोतिहारी/पटना, 28 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के FLOOD प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। डुमरिया घाट पर गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया।
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि डुमरिया घाट के पास गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर था। अधिकारियों ने 28 सितंबर की रात जलस्तर में लगभग 50 सेंटीमीटर और वृद्धि की संभावना भी जताई थी। मुख्यमंत्री ने स्थिति की जानकारी लेने के साथ राहत एवं बचाव की तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील और निचले इलाकों की लगातार निगरानी की जाए। प्रशासन लोगों के बीच रहकर उनकी जरूरतों का ध्यान रखे और आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराए। राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए।
उन्होंने जल संसाधन विभाग को तटबंधों की सतत निगरानी तथा रात में भी गश्त सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ बेहतर समन्वय बनाकर जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
प्रभावित परिवारों के भोजन और राहत की व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाए। इन व्यवस्थाओं में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद राधामोहन सिंह, विधायक कृष्णनंदन पासवान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह उपस्थित थे। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात तथा गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ और पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
