बीरगंज में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के बीच लायन्स क्लब का संवेदनशील सेवा अभियान; स्वच्छता, सम्मान और आत्मविश्वास का दिया संदेश
विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
रक्सौल / बीरगंज
वे दुनिया को अपनी आंखों से नहीं देख सकते, लेकिन उनके सपनों की कोई सीमा नहीं है। उनके चेहरे की मुस्कान बताती है कि खुशी देखने से नहीं, महसूस करने से आती है।
बीरगंज के त्रिजुद्ध स्कूल में उस समय एक अलग ही दृश्य था, जब दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के बीच कुछ लोग केवल सेवा करने नहीं, बल्कि उन्हें यह एहसास कराने पहुंचे कि समाज उनके साथ खड़ा है।
किसी के बाल संवार दिए गए, किसी को स्वच्छता का महत्व समझाया गया और किसी के चेहरे पर आई छोटी-सी मुस्कान पूरे आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई।
लायन्स क्लब ऑफ बीरगंज मेट्रो सिटी, डिस्ट्रिक्ट 322S द्वारा आयोजित ‘स्वच्छता एवं बाल कटाई कार्यक्रम’ ने सेवा और संवेदनशीलता की ऐसी तस्वीर प्रस्तुत की, जिसने यह संदेश दिया कि किसी व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती—कभी-कभी थोड़ा-सा अपनापन भी बहुत बड़ी ताकत बन जाता है।
“Cleanliness Builds Confidence, A Fresh Look Brings Joy”
इसी संदेश के साथ आयोजित कार्यक्रम में त्रिजुद्ध स्कूल में अध्ययनरत 18 दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को निःशुल्क बाल कटाई सेवा उपलब्ध कराई गई।
विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य और साफ-सफाई के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
आयोजकों का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों के बाल कटवाना नहीं था, बल्कि उनके भीतर आत्मसम्मान और सकारात्मक सोच को मजबूत करना भी था।
स्वच्छता के बाद बच्चों के चेहरे पर दिखाई देने वाली खुशी और आत्मविश्वास ने इस आयोजन को एक साधारण सामाजिक कार्यक्रम से कहीं अधिक अर्थपूर्ण बना दिया।
‘We Serve, We Care, We Empower’
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं लायन्स क्लब ऑफ बीरगंज मेट्रो सिटी की अध्यक्षा लायन पिया सिंह ने कहा कि क्लब “We Serve | We Care | We Empower” की भावना के साथ समाज के वंचित एवं विशेष आवश्यकता वाले वर्गों के बीच लगातार काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक मानसिकता से भी जुड़ी है।
उनका कहना था कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी मानी जाएगी, जब विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी सम्मान, अवसर और बराबरी का वातावरण मिले।
सेवा नहीं, सम्मान का रिश्ता
इस आयोजन की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि बच्चों को दया या सहानुभूति की नजर से नहीं देखा गया।
उन्हें समाज के बराबर और सम्मानित सदस्य के रूप में स्वीकार करते हुए उनके बीच सेवा का हाथ बढ़ाया गया।
यही भाव इस कार्यक्रम को विशेष बनाता है।
दृष्टिबाधिता किसी व्यक्ति की प्रतिभा, क्षमता या सपनों को सीमित नहीं कर सकती। जरूरत केवल ऐसे वातावरण की है, जहां उन्हें आगे बढ़ने के अवसर, सम्मान और सहयोग मिले।
कई लोगों ने मिलकर सजाई मुस्कान
कार्यक्रम में लायन पिया सिंह, महेश साह कानू, प्रवीण पराजुली, पत्रकार लालबाबू सिंह, कंचनजंगा स्कूल के निदेशक मार्टिन मोक्तान, सचिव लायन नेल्सन भंडारी, सह-सचिव लायन प्रसिद्धि आनंद सिंह तथा पूर्व अध्यक्ष उमेश कुमार गुप्ता की सक्रिय सहभागिता रही।
क्लब की सदस्य श्रुति गुप्ता, श्वेता गुप्ता और संजना बरनवाल ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तकनीकी सेवा में प्रतिमा साह, संगीता गिरी (क्वीन ब्यूटी पार्लर), सीमा साह (दुर्गा ब्यूटी पार्लर), सावित्री श्रेष्ठ (क्वीन ब्यूटी पार्लर) और आयुषी बरनवाल ने सहयोग किया।
इन सभी लोगों के संयुक्त प्रयास से कार्यक्रम केवल आयोजन नहीं रहा, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का एक खूबसूरत उदाहरण बन गया।
मुस्कान ही बनी सबसे बड़ी उपलब्धि
कार्यक्रम समाप्त हुआ, लेकिन बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान एक बड़ा संदेश छोड़ गई।
यह संदेश था कि समाज में बदलाव केवल बड़ी योजनाओं से नहीं आता। कभी किसी का हाथ थामना, किसी को सम्मान देना, उसकी जरूरत को समझना और उसके चेहरे पर मुस्कान लाना भी सामाजिक बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
त्रिजुद्ध स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम शायद कुछ घंटों का रहा हो, लेकिन उन 18 विद्यार्थियों के लिए यह दिन स्वच्छता के साथ आत्मसम्मान, अपनापन और खुशी की एक सुंदर स्मृति बन गया।
कवर लाइन
“वे दुनिया को देख नहीं सकते, लेकिन समाज यदि उनका हाथ थाम ले तो उनके सपनों की रोशनी पूरी दुनिया को रास्ता दिखा सकती है।”
