जीवंत ग्राम कार्यक्रम-द्वितीय के तहत ग्रामीणों और युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की दी जानकारी
श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल संवाददाता
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
मोतिहारी। सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), मोतिहारी ने 12 सितंबर को बिजबनी गांव में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में एफ समवाय अठमोहन के कार्यक्षेत्र अंतर्गत जीवंत ग्राम कार्यक्रम-द्वितीय और नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों और युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाने के साथ उसकी सोचने-समझने की क्षमता, पारिवारिक जीवन और सामाजिक व्यवहार को भी प्रभावित करती है।
एसएसबी के अधिकारियों एवं जवानों ने लोगों को समझाया कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने, अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान ग्रामीणों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। अभिभावकों को बच्चों एवं युवाओं के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर ध्यान देने तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जागरूकता रैली में ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया। रैली के माध्यम से नशे के खिलाफ एकजुट होने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का आह्वान किया गया। लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन और अवैध कारोबार से संबंधित गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने के लिए भी जागरूक किया गया।
एसएसबी ने ग्रामीणों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास और जनजागरूकता से ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। ग्रामीणों ने भी अभियान के संदेश को आगे बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में सहयोग करने का संकल्प लिया।
