रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर श्यामल प्रतिक
एसएसबी 47वीं वाहिनी रक्सौल का किया औपचारिक निरीक्षण, सिकटा सीमा चौकी पर सुरक्षा व्यवस्था परखी; जवानों के साथ किया ‘बड़ा खाना’
रक्सौल
भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और सशस्त्र सीमा बल के जवानों की परिचालन तैयारियों को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से क्षेत्रक मुख्यालय, बेतिया के उपमहानिरीक्षक श्री हरि प्रकाश ने 47वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, रक्सौल का औपचारिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपमहानिरीक्षक ने वाहिनी की विभिन्न शाखाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, कार्यप्रणाली और वाहिनी चिकित्सालय का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद आयोजित सैनिक सम्मेलन में उपमहानिरीक्षक ने अधिकारियों और जवानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बलकार्मिकों से कहा कि वे वाहिनी से संबंधित अथवा अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को बिना संकोच सामने रखें, ताकि उनका उचित समाधान किया जा सके।
उन्होंने जवानों को सीमा पर पूरी सतर्कता, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। सीमावर्ती क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतने और हर समय परिचालन रूप से तैयार रहने पर जोर दिया।
सिकटा सीमा चौकी पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
औपचारिक निरीक्षण के बाद उपमहानिरीक्षक सीमा चौकी सिकटा पहुंचे, जहां उन्होंने सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर तैनात जवानों से बातचीत की और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
जवानों के साथ बैठकर किया भोजन
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयोजित सामूहिक भोज ‘बड़ा खाना’ में उपमहानिरीक्षक ने जवानों के साथ बैठकर भोजन किया। वरिष्ठ अधिकारी का जवानों के बीच बैठकर भोजन करना बलकार्मिकों के लिए उत्साहवर्धक रहा और इससे अधिकारी-जवान के बीच आपसी संवाद एवं सामंजस्य का संदेश भी सामने आया।
BPET और प्रशिक्षण गतिविधियों का आयोजन
उपमहानिरीक्षक के निर्देश पर 10 सितंबर 2026 को 47वीं वाहिनी मुख्यालय में BPET सहित अन्य प्रशिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें वाहिनी के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला बलकार्मिकों ने भाग लिया।
इन प्रशिक्षण गतिविधियों का उद्देश्य जवानों की शारीरिक दक्षता, अनुशासन, परिचालन क्षमता और सीमा सुरक्षा संबंधी तैयारियों को और मजबूत करना रहा।
भारत-नेपाल सीमा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनात 47वीं वाहिनी के निरीक्षण के दौरान उपमहानिरीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया कि सीमा सुरक्षा में सतर्कता, प्रशिक्षण और जवानों का मनोबल—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
