70 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, मुस्कान गुप्ता बनीं विजेता, महिलाओं और छात्राओं की सृजनात्मक प्रतिभा को मिला सम्मान
रक्सौल।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया | रक्सौल अनुमंडल संवाददाता श्यामल प्रतीक
भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल द्वारा संस्कृति सप्ताह–2026 के अंतर्गत रविवार को श्री सत्यनारायण मारवाड़ी पंचायती मंदिर परिसर में भव्य मेंहदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक सौहार्द का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में रक्सौल, मोतिहारी तथा पड़ोसी देश नेपाल के वीरगंज से आई छात्राओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
न्यू परिधान, गायत्री टाइल्स, छवि सैलून एवं सुहाना मेंहदी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अवर निबंधक आशीष अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि सुप्रिया ड्रोलिया, भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी, सचिव नरेश कुमार तथा अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
प्रतियोगिता में करीब 70 छात्राओं एवं महिलाओं ने भाग लिया और अपनी हथेलियों पर पारंपरिक एवं आधुनिक मेंहदी डिज़ाइन उकेरकर निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। निर्णायकों के निर्णय के आधार पर मुस्कान गुप्ता को प्रथम, खुशी कुमारी को द्वितीय तथा आराध्या गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। विजेताओं को मेडल, प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। वहीं सभी प्रतिभागियों को भी प्रशस्ति-पत्र एवं मेडल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्कृति सप्ताह का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, महिलाओं एवं युवाओं की रचनात्मक क्षमता को मंच प्रदान करना तथा समाज में संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद अपने पंचसूत्र—संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण—के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान छवि सैलून की संचालिका मोनिका आर्य एवं कैलाश चंद्र काबरा को आयोजन में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि आशीष अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि सुप्रिया ड्रोलिया ने भारत विकास परिषद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भारतीय परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन का दायित्व सुनील कुमार ने निभाया। आयोजन को सफल बनाने में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विशेष टिप्पणी
भारत-नेपाल की खुली सीमा केवल व्यापार और आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि साझा संस्कृति और परंपराओं की भी पहचान है। रक्सौल में आयोजित यह मेंहदी प्रतियोगिता इस बात का प्रमाण है कि कला और संस्कृति सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने की सबसे सशक्त कड़ी हैं। महिलाओं और युवतियों को ऐसा मंच देकर भारत विकास परिषद ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की है।
— श्यामल प्रतीक
रक्सौल अनुमंडल संवाददाता
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
