पति-पत्नी और ढाई साल का मासूम गंभीर रूप से झुलसा, सूद पर लिए रुपये और जमीन को लेकर विवाद का आरोप; मुजफ्फरपुर में चल रहा इलाज
विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
मोतिहारी/केसरिया। पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र की पुरानी बाजार में पैसे के लेन-देन से जुड़ा विवाद एक परिवार के लिए भयावह त्रासदी में बदल गया। एक स्वर्ण व्यवसायी के घर में घुसकर कथित रूप से तेजाब फेंके जाने की घटना में व्यवसायी अमित कुमार उर्फ बिट्टू कुमार, उनकी पत्नी रिंकी कुमारी और करीब ढाई वर्षीय पुत्र यश झुलस गए। तीनों का इलाज मुजफ्फरपुर में चल रहा है। परिजनों के मुताबिक मासूम यश की स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
घटना के पीछे सूद पर लिए गए रुपये और जमीन को लेकर चल रहे विवाद का आरोप सामने आया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होंगी।
15 लाख का लेन-देन, 10 लाख लौटाने का दावा
पीड़ित परिवार के अनुसार, अमित कुमार ने केसरिया के गुंजन नामक व्यक्ति से करीब 15 लाख रुपये सूद पर लिए थे। परिवार का दावा है कि इसमें से लगभग 10 लाख रुपये वापस किए जा चुके थे, जबकि शेष करीब पांच लाख रुपये और ब्याज को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
परिजनों का आरोप है कि बकाया रकम और ब्याज के बदले अमित कुमार पर करीब 40 लाख रुपये मूल्य की जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी बीच अमित द्वारा अपनी जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिए जाने के बाद विवाद और गहरा गया।
घर में घुसकर मारपीट, फिर तेजाब फेंकने का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शाम के समय आरोपी अपने कुछ साथियों के साथ अमित कुमार के घर पहुंचा। वहां पहले विवाद और मारपीट हुई और इसके बाद तेजाब फेंक दिया गया। इसकी चपेट में अमित के साथ उनकी पत्नी रिंकी और मासूम पुत्र यश भी आ गया।
घटना के दौरान आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति के भी तेजाब की चपेट में आने की बात सामने आई है। ऐसे में घटनास्थल की परिस्थितियां, दोनों पक्षों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने में महत्वपूर्ण होंगे।
ढाई साल के यश की हालत ने बढ़ाई चिंता
इस पूरी घटना का सबसे मार्मिक पहलू करीब ढाई वर्षीय मासूम यश का झुलसना है। परिजनों के अनुसार बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। परिवार ने उसके उपचार से जुड़ी गंभीर परेशानियां होने की भी बात कही है।
बड़ों के बीच पैसे और जमीन को लेकर चल रहे विवाद की चपेट में एक मासूम बच्चे का आ जाना इस घटना को और भी संवेदनशील बना देता है।
पीड़ित परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित परिवार का आरोप है कि तेजाब की चपेट में आने के बावजूद दूसरे पक्ष की ओर से केसरिया थाने में अमित कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोनों पक्षों की ओर से आरोप सामने आने के कारण पुलिस जांच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। पैसे के लेन-देन, कथित सूदखोरी, जमीन संबंधी विवाद और हमले के वास्तविक घटनाक्रम की प्रत्येक कड़ी की जांच के बाद ही जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
पैसों का विवाद बना पूरे परिवार की त्रासदी
केसरिया की यह घटना अब महज रुपये के लेन-देन तक सीमित नहीं रही। आरोपों के मुताबिक एक तरफ सूद पर लिए गए रुपये और जमीन को लेकर दबाव की कहानी सामने आ रही है, वहीं दूसरी तरफ एक परिवार के तीन सदस्य अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
सबसे दर्दनाक तस्वीर उस ढाई वर्षीय बच्चे की है, जिसका पैसों और जमीन के इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन वह भी इस घटना की चपेट में आ गया।
केसरिया की पुरानी बाजार में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। अब पुलिस जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि पैसे और जमीन का विवाद किन परिस्थितियों में इस गंभीर घटना तक पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
