भारत-नेपाल सीमा पर 71वीं वाहिनी SSB की बड़ी कार्रवाई, 1350 किलो यूरिया खाद जब्त

बड़हरवा सीमा चौकी की आसूचना आधारित कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार, मोटरसाइकिल और तीन साइकिलें भी जब्त

विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
चाणक्य न्यूज़ इंडिया

मोतिहारी, पूर्वी चंपारण। भारत-नेपाल सीमा पर खाद की अवैध आवाजाही के खिलाफ 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, मोतिहारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1350 किलोग्राम यूरिया खाद जब्त की है। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन साइकिल सवार एसएसबी के जवानों को देखकर खाद छोड़ नेपाल की ओर फरार हो गए।

यह कार्रवाई 9 सितंबर 2026 को 71वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में सीमा क्षेत्र में चलाए जा रहे आसूचना आधारित गश्ती अभियान के दौरान की गई। सीमा चौकी बड़हरवा की टीम को यूरिया खाद की अवैध आवाजाही की सूचना मिली थी। इसके बाद जवानों ने इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।

गश्ती के दौरान एसएसबी जवानों ने मोटरसाइकिल पर यूरिया खाद ले जा रहे एक व्यक्ति को रोका। उसकी पहचान राधेश्याम कुमार, उम्र 26 वर्ष, निवासी छौड़ादानो, जिला पूर्वी चंपारण के रूप में की गई है। इसी दौरान पीछे से आ रहे तीन साइकिल सवार जवानों को देखकर यूरिया खाद छोड़कर नेपाल की दिशा में फरार हो गए।

एसएसबी की टीम ने इसके बाद आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान कुल 30 बोरी यूरिया खाद, जिसका कुल वजन करीब 1350 किलोग्राम बताया गया है, बरामद किया गया। इसके साथ ही एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल और तीन साइकिलें भी जब्त की गईं।

बरामद यूरिया खाद और जब्त वाहनों को अग्रेतर कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय, मोतिहारी को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

भारत-नेपाल की खुली सीमा वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रास्तों, खेतों और पगडंडियों के जरिए खाद सहित विभिन्न वस्तुओं की अवैध निकासी की कोशिशें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में 71वीं वाहिनी द्वारा लगातार गश्त और आसूचना के आधार पर की जा रही कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में 71वीं वाहिनी की विभिन्न सीमा चौकियों द्वारा सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी लगातार की जा रही है। खाद, शराब, मादक पदार्थ और अन्य अवैध वस्तुओं की सीमा पार आवाजाही रोकने के लिए जवानों की सक्रियता बढ़ाई गई है।

यूरिया की इतनी बड़ी खेप की बरामदगी के बाद इसके स्रोत और आपूर्ति श्रृंखला की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि खाद कहां से लाई गई थी और इसे सीमा पार पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की संभावना भी बनी हुई है।

खाद की अवैध निकासी का सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों के लिए इसकी उपलब्धता पर पड़ सकता है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई न केवल सीमा सुरक्षा बल्कि कृषि संसाधनों की अवैध निकासी रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की यह कार्रवाई सीमा पर सक्रिय निगरानी, मजबूत आसूचना तंत्र और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बनकर सामने आई है।

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