जहां किताबों के साथ गढ़ा जाता है भविष्य, वहां सम्मानित हुए ‘राष्ट्र निर्माता’

शिक्षक दिवस विशेष

शांतिनिकेतन आदर्श विद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह; संजय कुमार गुप्ता रहे मुख्य अतिथि, गुरु की भूमिका को बताया समाज की मजबूत नींव

श्यामल प्रतीक | रक्सौल, पूर्वी चंपारण

रक्सौल। शिक्षक केवल किताबों के अध्याय नहीं पढ़ाते, वे बच्चों के जीवन का वह अध्याय लिखने में मदद करते हैं जिस पर उनका भविष्य खड़ा होता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर रक्सौल के लक्ष्मीपुर स्थित शांतिनिकेतन आदर्श विद्यालय में कुछ ऐसा ही भाव देखने को मिला, जहां विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके शैक्षणिक योगदान और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में निभाई जा रही भूमिका के लिए सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिव शक्ति प्रा. लिमिटेड कंपनी के निदेशक संजय कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य साइमन रेक्स ने किया।

शिक्षक पढ़ाते ही नहीं, व्यक्तित्व भी गढ़ते हैं

समारोह के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा शिक्षक की सामाजिक जिम्मेदारी पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक का योगदान केवल कक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होता। विद्यार्थी अपने शिक्षकों से ज्ञान के साथ अनुशासन, संस्कार, जिम्मेदारी और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्राप्त करते हैं।

शिक्षक की दी हुई सीख कई बार विद्यार्थी के पूरे जीवन की दिशा निर्धारित करती है। यही कारण है कि समाज और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

शिक्षकों को मिला सम्मान, विद्यालय परिवार में दिखा उत्साह

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य साइमन रेक्स, निदेशक अरविंद कुमार सिंह एवं अशोक कुमार सिंह ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के योगदान की सराहना की।

समारोह में शिक्षक विक्टर डेका, कुंदन राज, मंदीप कुमार, प्रीति मैम, कंचन मैम एवं रामभरोश सर सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। सम्मान मिलने से शिक्षकों में उत्साह और हर्ष का माहौल दिखाई दिया।

“माता-पिता के बाद गुरु का स्थान सर्वोच्च” — बिमल सर्राफ

इस अवसर पर लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 322ई, जोन-41 के जोन चेयरपर्सन सह डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन तथा भारत विकास परिषद्, रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल सर्राफ ने भी प्रधानाचार्य साइमन रेक्स एवं विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि जीवन में प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं और उनके बाद सर्वोच्च स्थान गुरु का होता है। गुरु ही बच्चों के जीवन को संवारते हैं और उन्हें सही दिशा दिखाकर बेहतर भविष्य की ओर ले जाते हैं।

सम्मान से कहीं बड़ी है शिक्षक की जिम्मेदारी

शिक्षक दिवस का यह आयोजन केवल शिक्षकों को सम्मानित करने का अवसर नहीं रहा, बल्कि उस जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता दिखाई दिया जो हर शिक्षक अपने विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति निभाता है। एक विद्यार्थी की सफलता के पीछे परिवार के साथ उस शिक्षक की मेहनत भी होती है, जो उसकी कमजोरियों को पहचानता है, गलतियों को सुधारता है और उसकी क्षमता पर विश्वास करना सिखाता है।

शांतिनिकेतन आदर्श विद्यालय का शिक्षक दिवस समारोह इसी संदेश के साथ संपन्न हुआ कि मजबूत समाज की शुरुआत अच्छी शिक्षा से होती है और अच्छी शिक्षा की बुनियाद एक समर्पित शिक्षक रखता है।

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