किताबों से आगे ‘भारत’ को जानेंगे बच्चे: 31 अगस्त को रक्सौल के 400 से अधिक विद्यार्थी देंगे ‘भारत को जानो’ परीक्षा

इतिहास, संस्कृति, राष्ट्रीय विरासत और उपलब्धियों से नई पीढ़ी को जोड़ने की पहल; 10 विद्यालयों के विद्यार्थी होंगे शामिल, हर केंद्र पर तैनात रहेगा पर्यवेक्षक

श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
चाणक्य न्यूज़ इंडिया

रक्सौल। नई पीढ़ी को केवल सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए भारत के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, राष्ट्रीय मूल्यों और देश की उपलब्धियों से परिचित कराने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद की महत्वाकांक्षी पहल ‘भारत को जानो’ के तहत अखिल भारतीय लिखित परीक्षा 31 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। रक्सौल शाखा के अंतर्गत इस परीक्षा में 10 विद्यालयों के 400 से अधिक विद्यार्थी कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग में भाग लेंगे।

देशभर में भारत विकास परिषद की करीब 1600 शाखाओं के माध्यम से आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के बीच राष्ट्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के प्रति ज्ञान एवं रुचि विकसित करने का माध्यम बन रही है। रक्सौल में भी परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन में उत्साह का माहौल है।

हर विद्यार्थी तक पहुंची ‘भारत को जानो’ पुस्तक

प्रतियोगिता की तैयारी के लिए परिषद की ओर से संबंधित विद्यालयों में ‘भारत को जानो’ पुस्तक के हिंदी और अंग्रेजी संस्करण का निःशुल्क वितरण किया जा चुका है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की तैयारी के साथ-साथ भारतीय इतिहास, महापुरुषों, संस्कृति, परंपराओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और देश की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में व्यवस्थित जानकारी उपलब्ध कराना है।

भारत विकास परिषद शाखा रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी एवं संस्कार संयोजक नीतेश कुमार सिंह ने बताया कि ‘भारत को जानो’ केवल एक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपने राष्ट्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित कराने का अभियान है।

उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी आधुनिक और वैश्विक ज्ञान से तेजी से जुड़ रही है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को अपने देश के इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली विरासत की जानकारी देना भी उतना ही आवश्यक है। ‘भारत को जानो’ इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

रक्सौल के इन 10 विद्यालयों की होगी भागीदारी

रक्सौल शाखा के अंतर्गत कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल, संत माइकल इंग्लिश स्कूल, एस. ए. वी. स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर, चंद्रशील इंग्लिश स्कूल, जयंत एकेडमी, एम. जी. एम. इंटरनेशनल स्कूल, भारती पब्लिक स्कूल, डी. पी. एम. स्कूल तथा एम. के. मिशन आवासीय विद्यालय, भलूवाहिया, रामगढ़वा के विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित होगी। कनिष्ठ वर्ग में कक्षा 6 से 8 तथा वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।

परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रत्येक विद्यालय में भारत विकास परिषद रक्सौल शाखा के एक सदस्य को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन से समन्वय, प्रश्नपत्र एवं अन्य परीक्षा सामग्री की व्यवस्था सहित आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

हर प्रतिभागी को मिलेगा प्रशस्ति-पत्र

परिषद ने प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था की है। लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शाखा की ओर से प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।

प्रत्येक विद्यालय में कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी आगे शाखा स्तरीय प्रश्न मंच (क्विज कॉन्टेस्ट) में भाग लेने के पात्र होंगे।

शाखा स्तरीय प्रश्न मंच में दोनों वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए आगे प्रांतीय प्रतियोगिता तक पहुंचने का अवसर होगा। चयनित प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र के साथ प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित भी किया जाएगा।

ज्ञान के साथ संस्कार और राष्ट्रबोध पर जोर

शाखा के सचिव नरेश कुमार ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों से मिल रहे सकारात्मक सहयोग के कारण परीक्षा को लेकर उत्साहजनक वातावरण बना है। परिषद का प्रयास अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रबोध से जोड़ना है।

संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए विद्यालयों के साथ समन्वय से लेकर परीक्षा सामग्री और पर्यवेक्षकों की तैनाती तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की कोशिश

प्रतियोगिता की विशेषता यह है कि इसमें सफलता का उद्देश्य केवल पुरस्कार या अगले चरण तक पहुंचना नहीं है। इसके केंद्र में विद्यार्थियों के भीतर अपने देश को जानने, समझने और उसकी विविधता एवं विरासत के प्रति सम्मान विकसित करने की भावना है।

रक्सौल जैसे भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर में 400 से अधिक विद्यार्थियों का एक साथ भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय विरासत पर आधारित इस ज्ञान अभियान का हिस्सा बनना अपने आप में महत्वपूर्ण है। 31 अगस्त को होने वाली ‘भारत को जानो’ परीक्षा इसलिए सिर्फ विद्यार्थियों के ज्ञान की परीक्षा नहीं होगी, बल्कि नई पीढ़ी को भारत की पहचान और उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की एक सार्थक पहल भी होगी।

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