पौधों से भविष्य संवारने की मुहिम: ‘पांच फल लोकल’ अभियान से हरियाली का संदेश

गांधी ग्राम जसौली पट्टी में केबीसी विजेता सुशील कुमार के साथ फलदार पौधों का रोपण, विनय कुमार लगातार वृक्षारोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रहे हैं

विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक

कोटवा -पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं और बड़े अभियानों तक सीमित नहीं है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर से एक पौधा लगाए और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करे, तो जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटती हरियाली जैसी चुनौतियों से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। इसी सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में विनय कुमार लगातार वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के माध्यम से प्रयास कर रहे हैं।

रविवार की सुबह कोटवा प्रखंड के ऐतिहासिक गांधी ग्राम जसौली पट्टी में केबीसी विजेता सुशील कुमार के साथ ‘पांच फल लोकल’ अभियान के तहत विभिन्न आवासीय परिसरों में फलदार पौधे लगाए गए।

इस दौरान श्री सुनील दास, श्री अनिल दास, श्री दिलीप ठाकुर, श्री रमाशंकर ठाकुर, श्री अभिषेक कुमार (गोलू), श्री तेजेन्द्र कुमार सिंह, रंजन कुमार सिंह तथा श्री निशांत राज के आवासीय परिसरों में पौधारोपण किया गया।

सिर्फ पौधा लगाना नहीं, उसे बचाने की भी पहल

विनय कुमार की पहल की विशेषता यह है कि उनका प्रयास केवल पौधारोपण की औपचारिकता तक सीमित नहीं है। वृक्षारोपण के माध्यम से वे लोगों को अपने घर, गांव और आसपास की खाली जमीन पर पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

विशेष रूप से फलदार और स्थानीय प्रजातियों के पौधों को बढ़ावा देने से हरियाली के साथ-साथ आने वाले वर्षों में स्थानीय परिवारों को फल, पक्षियों को आश्रय और पर्यावरण को प्राकृतिक संतुलन का लाभ भी मिल सकता है।

आज जिस तेजी से पेड़ों की संख्या घट रही है और तापमान तथा प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है, ऐसे समय में छोटे स्तर पर चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान भी बड़े सामाजिक बदलाव की नींव बन सकते हैं।

‘पांच फल लोकल’—हर घर को हरियाली से जोड़ने की सोच

‘पांच फल लोकल’ अभियान का संदेश सरल लेकिन दूरगामी है—स्थानीय फलदार पौधे लगाएं, उन्हें संरक्षित करें और अपने आसपास हरियाली बढ़ाएं।

इस अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आवासीय परिसरों में पौधा लगाने का उद्देश्य भी यही है कि पौधे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद उपेक्षित न रह जाएं, बल्कि परिवार स्वयं उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाए।

केबीसी विजेता सुशील कुमार की उपस्थिति ने इस अभियान को विशेष प्रेरणा दी। वहीं विनय कुमार ने इस अवसर के लिए सुशील कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण और हरियाली के लिए ऐसे प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

संदेश साफ है—एक पौधा केवल आज की हरियाली नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की बुनियाद है। 🌳

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