विजयवाड़ा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मोबाइल फोन से संपर्क और भुगतान के साक्ष्य मिलने का दावा, व्हाट्सएप खातों के इस्तेमाल की जांच जारी
श्यामल प्रतीक | रक्सौल
भारतीय मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप अकाउंट बनाने के लिए कथित पाकिस्तानी एजेंटों को ओटीपी उपलब्ध कराने के आरोप में आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस ने रक्सौल से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय पुलिस के सहयोग से हुई कार्रवाई में आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों युवक ओटीपी साझा करने के बदले पैसे लेते थे। मामले में पाकिस्तान से जुड़े कथित संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और संबंधित व्हाट्सएप खातों के इस्तेमाल की पड़ताल की जा रही है।
गिरफ्तार युवकों की पहचान रक्सौल थाना क्षेत्र के नागा रोड, वार्ड संख्या 11 निवासी बलिराम पांडेय के पुत्र आदित्य पांडेय (23 वर्ष) और मधुबनी जिले के हरलाखी निवासी सुरेश साह के पुत्र राजा कुमार (24 वर्ष) के रूप में हुई है। राजा कुमार वर्तमान में रक्सौल थाना क्षेत्र के नोनियाडीह में रह रहा था। दोनों के खिलाफ विजयवाड़ा में दर्ज मामले के अनुसंधान के दौरान कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, विजयवाड़ा में दर्ज कांड संख्या 01/2026 की जांच के दौरान रक्सौल क्षेत्र के कुछ लोगों के कथित संपर्कों की जानकारी मिली थी। इसके सत्यापन और आगे की कार्रवाई के लिए विजयवाड़ा पुलिस की टीम रक्सौल पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से संयुक्त टीम गठित कर थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान दोनों युवकों को पकड़कर पूछताछ की गई और उनके मोबाइल फोन की जांच की गई।
एसडीपीओ मनीष आनंद के अनुसार, मोबाइल फोन की जांच में कथित पाकिस्तानी एजेंटों को ओटीपी भेजने तथा उसके बदले रुपये का भुगतान मिलने से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों और आर्थिक लेनदेन के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि संबंधित लोगों के बीच संपर्क कैसे बना और ओटीपी साझा करने का सिलसिला किस तरह आगे बढ़ा।
पुलिस के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, पूछताछ में राजा कुमार ने ऑनलाइन गेमिंग के दौरान एक पाकिस्तानी लड़की से दोस्ती होने की बात बताई। आरोप है कि उसने व्हाट्सएप अकाउंट लॉगिन कराने के बदले राजा को 10 हजार रुपये देने का प्रलोभन दिया था। यह भी आरोप है कि बाद में राजा ने अपने कुछ दोस्तों को पैसे का लालच देकर उनके व्हाट्सएप खातों से जुड़े ओटीपी भी साझा कराए। पुलिस पूछताछ में सामने आए इन दावों और संबंधित संपर्कों की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, भारतीय मोबाइल नंबरों पर आने वाले ओटीपी कथित पाकिस्तानी संपर्कों तक पहुंचाए जाते थे। आरोप है कि इनका इस्तेमाल भारतीय नंबरों से व्हाट्सएप अकाउंट बनाने या उन्हें संचालित करने के लिए किया जाता था। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी, जासूसी अथवा अन्य भारत विरोधी गतिविधियों में किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है। हालांकि, संबंधित खातों से वास्तव में कौन-कौन सी गतिविधियां संचालित हुईं, इस पर अभी पुष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मामले में ओटीपी साझा करने और कथित भुगतान के बीच संबंध की पड़ताल अहम है। उपलब्ध विवरण में कुल लेनदेन की राशि, संबंधित मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप खातों की संख्या का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसी तरह कथित संपर्कों की पहचान और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच का विषय है। इन पहलुओं के स्पष्ट होने के बाद ही गतिविधियों के दायरे और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का निर्धारण हो सकेगा।
संयुक्त कार्रवाई में रक्सौल थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो सहित स्थानीय पुलिसकर्मी और विजयवाड़ा पुलिस की टीम शामिल रही। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई विजयवाड़ा पुलिस कर रही है। फिलहाल, पुलिस द्वारा बताए गए साक्ष्यों, कथित विदेशी संपर्कों और व्हाट्सएप खातों के इस्तेमाल की जांच जारी है।
