सीमा के प्रहरी, युवाओं के भविष्य के साथी

71वीं वाहिनी एसएसबी की पहल: परसा में 30 दिवसीय निःशुल्क वेल्डिंग प्रशिक्षण शुरू, हुनर से आत्मनिर्भरता की राह

श्यामल प्रतीक | चाणक्य न्यूज़

मोतिहारी। सीमा की सुरक्षा के साथ सीमावर्ती युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशस्त्र सीमा बल की 71वीं वाहिनी, मोतिहारी ने पहल की है। युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से परसा इमलिया मठ में 30 दिवसीय निःशुल्क वेल्डिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। एसएसबी का यह प्रयास सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में उसकी भागीदारी को रेखांकित करता है।

समवाय मुख्यालय महुआवा के कार्यक्षेत्र अंतर्गत वीवीपी-II परसा में 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं महुआवा पंचायत के मुखिया संतोष गिरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को वेल्डिंग कार्य का व्यावहारिक एवं व्यावसायिक ज्ञान दिया जाएगा, ताकि वे अपने कौशल को निखारकर आजीविका के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर उप कमांडेंट राकेश कुमार ने सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में एसएसबी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को ऐसा व्यावसायिक हुनर देना है, जो रोजगार हासिल करने और अपना काम शुरू करने में उपयोगी हो सके।

मुख्य अतिथि संतोष गिरी ने एसएसबी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने इसे सीमावर्ती युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कौशल विकास के साथ कार्यक्रम में पोषण संबंधी जागरूकता पर भी ध्यान दिया गया। ग्रामीणों को मोटे अनाज यानी ‘श्री अन्न’ के उपयोग और उसके पोषण संबंधी लाभों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अन्य गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में सीमावर्ती ग्रामीण उपस्थित रहे।

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