रक्सौल/झरोखर | श्यामल प्रतीक | चाणक्य न्यूज़ इंडिया
नेपाल के सुनसरी जिले में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत–नेपाल खुली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में शुक्रवार को जमुनिया एवं आतठमोहन के मध्य स्थित संयुक्त सीमा स्तंभ संख्या 357/03 के निकट झरोखर पोस्ट पर 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) एवं 12वीं वाहिनी सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ), नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा समन्वय बैठक (Border Coordination Meeting) आयोजित की गई।
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता 71वीं वाहिनी एसएसबी के उप कमांडेंट (डी.सी.) श्री संतोष कुमार तथा 12वीं वाहिनी एपीएफ, नेपाल के डीएसपी सजेन्द्र प्रसाद श्रेष्ठ ने की। बैठक में दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र की वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों, कानून-व्यवस्था तथा आपसी समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक में सहायक कमांडेंट प्रमोद कुमार, सहायक कमांडेंट अखिलेश कुमार, इंस्पेक्टर (जीडी) अमित कुमार, एपीएफ नेपाल के इंस्पेक्टर उमेश आले तथा झरोखर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक असलम अंसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान नेपाल के सुनसरी जिले में हाल में हुई सांप्रदायिक झड़प और उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की गई। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत–नेपाल खुली सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमा पर निगरानी और अधिक सशक्त बनाई जाएगी तथा संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) को नियमित एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा।
इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वर्तमान परिस्थितियों के प्रति जागरूक एवं सतर्क करने, स्थानीय पुलिस के साथ रात्रि गश्त को मजबूत करने तथा तृतीय देश के नागरिकों (Third Country Nationals) की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सीमा पार किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध आवागमन, मानव तस्करी, तस्करी एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों की रोकथाम के लिए एसएसबी, एपीएफ तथा स्थानीय पुलिस के बीच सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेष: भारत–नेपाल की खुली सीमा के मद्देनज़र इस प्रकार की समन्वय बैठकें दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच विश्वास, सहयोग और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सतर्क एवं सक्रिय बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।
