मोतिहारी जहरीली शराबकांड के मास्टरमाइंड का सरेंडर

दोनों आरोपी सगे भाई; 50 ड्रम स्प्रिट बरामद; अबतक 9 की मौत, 10 से ज्यादा बीमार

मोतिहारी में जहरीली शराब से मौत मामले में मुख्य आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपियों की पहचान मोतिहारी के सुनील साह और कन्हैया यादव के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि सुनील साह और कन्हैया यादव का नाम रघुनाथपुर और तुरकौलिया इलाके में हुए जहरीली शराब कांड से जुड़ा है। पुलिस काफी दिनों से उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी।

जहरीली शराबकांड में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 10 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों में चंदू कुमार, प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी, हीरालाल भगत, लालकिशोर राय, संपत साह, लड्डू साह, विनोद शाह और योद्धा मांझी हैं।

सदर DSP-1 दिलीप कुमार ने कहा, “पुलिस टीम ने पूरे अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की जा रही है।”

सगे भाई हैं सरेंडर करने वाले दोनों आरोपी

मोतिहारी के कन्हैया और राजा सगे भाई हैं। शराबबंदी के बाद से ही दोनों पिछले करीब 10 सालों से शराब तस्करी में सक्रिय थे। दोनों भाई अवैध भट्ठी चलाकर स्प्रिट तैयार करते थे और अपने नेटवर्क के जरिए गांवों में सप्लाई करवाते थे।

ये लोग परसोना के खलीफा और सुनील शाह को शराब देते थे, जो आगे इसे नागा राय और जम्मू बैठा तक पहुंचाते थे। नागा राय तुरकौलिया के परसोना में, जबकि जम्मू बैठा रघुनाथपुर के बालगंगा गांव में जहरीली शराब की डिलीवरी करता था।

दोनों आरोपी 50 रुपए प्रति ग्लास के हिसाब से शराब बेचते थे। शुक्रवार देर रात पुलिस ने खलीफा, सुनील शाह, नागा राय और जम्मू बैठा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सुनील साह और कन्हैया यादव पुलिस के रडार पर आ गए थे।

उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही थी। पुलिस उनके हर ठिकाने पर दबिश दे रही थी। पुलिस के डर से सोमवार को दोनों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दोनों आरोपियों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर पूछताछ की जा रही है।

50 ड्रम मेथेनॉल बरामद, पूरा नेटवर्क बेनकाब

SP स्वर्ण प्रभात ने बताया, “इन दोनों के सरेंडर से पहले ही दो मुख्य साजिशकर्ता साजन यादव उर्फ खलीफा और नागा राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब तक की जांच में सभी आरोपियों के बीच स्पष्ट लिंक सामने आया है और पुलिस लगातार इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।”

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान जहरीले स्प्रिट की बड़ी खेप बरामद की गई है। कुल 50 ड्रम संदिग्ध स्प्रिट जब्त किए गए थे, जिसकी लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि यह मेथनॉल है। मेथनॉल एक इंडस्ट्रियल और नियंत्रित केमिकल है, जो मानव शरीर के लिए बेहद जहरीला और जानलेवा होता है।

बाहर से मंगाया गया था जहरीला स्प्रिट

शुरुआती जांच के अनुसार, जहरीला स्प्रिट जिले के बाहर से मंगाया गया था। इसके ट्रांसपोर्टेशन और सप्लाई चेन तक पुलिस काफी हद तक पहुंच चुकी है। इसमें शामिल ट्रांसपोर्टरों और अन्य सहयोगियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

अब तक की कार्रवाई में कन्हैया यादव के घर से करीब 44 ड्रम जहरीला स्प्रिट बरामद किया गया है। वहीं, सुनील साह इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। दोनों ने मिलकर इस जहरीले स्प्रिट को साजन यादव उर्फ खलीफा को सौंपा, जिसने नागा राय के साथ मिलकर इसे अलग-अलग गांवों में सप्लाई किया।

नेटवर्क की आखिरी कड़ी तक पहुंचने की तैयारी

पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि आरोपियों की मंशा क्या थी। शुरुआती जांच में स्पष्ट संकेत मिले हैं कि जहरीले पदार्थ को जानबूझकर अवैध शराब के रूप में सप्लाई किया गया।

यह भी जांच का विषय है कि किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से इसे खास तौर पर कुछ गांवों में पहुंचाया गया। पूरे मामले में पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क की आखिरी कड़ी तक पहुंचना है, ताकि इस तरह के अवैध और जानलेवा कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

मेरे साथ शराब पीने वाले कई लोग मर गए

अस्पताल में भर्ती हरदिया निवासी रमेश यादव ने बताया, “दिन भर मजदूरी करने के बाद बुधवार शाम महादलित बस्ती में जाकर शराब पी थी। मेरे साथ कई लोगों ने भी शराब पी थी। मैंने 30-30 रुपए के दो पाउच पिए और घर आकर सो गया।

सुबह उठने पर साथ में शराब पीने वालों की हालत बिगड़ने लगी। मेरे सिर में दर्द था और आंखों से धुंधला दिखने लगा, जिसके बाद गुरुवार सुबह सदर अस्पताल पहुंचा, जहां मैं भर्ती हूं। अब जिंदगी में कभी शराब नहीं पिऊंगा।”

उन्होंने बताया कि उनके साथ शराब पीने वाले चार लोगों की मौत हो चुकी है। जेरियाट्रिक वार्ड में भर्ती सभी मरीजों ने स्प्रिट की पाउच पीने की बात स्वीकार की है।

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