ग्राउंड रिपोर्ट मोतिहारी में जहरीली शराब से 7 की मौत

अगले महीने बेटी की शादी करने वाला था मांझी; युवक बोला- कान पकड़ता हूं अब नहीं पिऊंगा

Bihar News: मोतिहारी में जहरीली शराब का कहर जारी, हर घंटे बढ़ रहा मौत का  आंकड़ा

मोतिहारी में 3 दिनों के अंदर जहरीली शराब से 7 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 14 की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इनमें से 6 की आंखों की रोशनी चली गई है। सभी का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

मृतकों में चंदू कुमार, प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी, हीरालाल भगत, लालकिशोर राय, संपत साह और लड्डू साह हैं। पहले दिन गुरुवार को 2 मौतें हुईं। वहीं शुक्रवार को 3 और शनिवार की सुबह 2 की मौत हुई है।

जहरीली शराब से बीमार लोगों में लोहा ठाकुर, राहुल कुमार, रविंद्र यादव (35), दिनेश यादव (28), उमेश राम समेत 14 लोग शामिल हैं। इनमें तीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

परीक्षण मांझी की बेटी की एक महीने बाद 13 मई को शादी होने वाली थी। घर में इसकी तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही ये हादसा हो गया। वहीं शत्रुध्न ने कान पकड़े की अब कभी शराब नहीं पिऊंगा।

मेरे साथ शराब पीने वाले कई लोग मर गए

अस्पताल में भर्ती हरदिया निवासी रमेश यादव ने बताया, “दिन भर मजदूरी करने के बाद बुधवार शाम महादलित बस्ती में जाकर शराब पी थी। मेरे साथ कई लोगों ने भी शराब पी थी। मैंने 30-30 रुपए के दो पाउच पिए और घर आकर सो गया।

सुबह उठने पर साथ में शराब पीने वालों की हालत बिगड़ने लगी। मेरे सिर में दर्द था और आंखों से धुंधला दिखने लगा, जिसके बाद गुरुवार सुबह सदर अस्पताल पहुंचा, जहां मैं भर्ती हूं। अब जिंदगी में कभी शराब नहीं पिऊंगा।”

उन्होंने बताया कि उनके साथ शराब पीने वाले चार लोगों की मौत हो चुकी है। जेरियाट्रिक वार्ड में भर्ती सभी मरीजों ने स्प्रिट की पाउच पीने की बात स्वीकार की है।

पहले जानिए कहां से आ रही शराब, कितने में बिक रही

मोतिहारी के कन्हैया और राजा पिछले 10 साल से शराब तस्करी में सक्रिय हैं। दोनों भाई अवैध शराब भट्टी चलाकर स्प्रिट बनाते हैं और अपने नेटवर्क के जरिए गांवों में सप्लाई करवाते हैं। ये लोग परसोना के खलीफा और सुनील शाह को शराब देते हैं, जो आगे नागा राय और जम्मू बैठा तक पहुंचाते हैं।

नागा राय तुरकौलिया के परसोना में, जबकि जम्मू बैठा रघुनाथपुर के बालगंगा गांव में जहरीली शराब की डिलीवरी करता है। दोनों 50 रुपए प्रति ग्लास शराब बेचते हैं। शुक्रवार देर रात तक राजा, खलीफा, सुनील, नागा राय और जम्मू बैठा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कन्हैया फरार है।

प्रमोद, रावण, दिनेश और उमेश ने एक साथ खेत में बैठकर शराब पी थी, जो नागा राय ने पहुंचाई थी। वहीं राहुल, चंदू और संपत को शराब जम्मू बैठा ने दी थी।

एक महीने बाद थी बेटी की शादी

घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 50KM दूर बालगंगा गांव और परसोना गांव पहुंची। टीम सबसे पहले परीक्षण मांझी के घर पहुंची। वहां हमारी मुलाकात परीक्षण मांझी के बड़े बेटे राकेश से हुई।

राकेश ने बताया, “मेरे पिता ही घर के एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति थे। वही खेती-बाड़ी और मजदूरी कर घर चलाते थे। एक महीने बाद मेरी बहन की शादी होने वाली थी। घर में इसको लेकर तैयारियां चल रही थी। सारा काम वही देख रहे थे। सब कुछ लगभग तय हो चुका था, पैसा भी धीरे-धीरे जुटाया जा रहा था, लेकिन अब समझ नहीं आ रहा कि बहन की शादी कैसे होगी?

गुरुवार की रात पापा मोतिहारी शहर से काम कर गांव लौट रहे थे। जब वो घर आए तो उनकी तबीयत खराब हो गई। हमलोगों को लगा तेज धूप के कारण चक्कर आ रहा होगा, लेकिन हमें नहीं पता था कि उन्होंने जहरीली शराब पी है। गुरुवार की देर रात उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। हमलोग अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन शुक्रवार की अहले सुबह उनकी मौत हो गई।”

50-100 रुपए की शराब ले सकती है जान

परीक्षण की पत्नी ने बताया, “वो हमेशा से शराब पीते थे। हमलोग हर बार समझाते थे कि मत पियो, लेकिन वो मानते नहीं थे। रोज कहीं न कहीं से शराब लाकर पी लेते थे। कई बार मना किया, डांटा भी, लेकिन आदत छूट नहीं रही थी।

गांव में अवैध शराब मिलना कोई बड़ी बात नहीं है। यहां आसानी से मिल जाती है। लोग 50-100 रुपए में खरीद लेते हैं और पी लेते हैं। किसी को अंदाजा नहीं होता कि यह जान भी ले सकती है।”

घटना वाले दिन को याद करते हुए उन्होंने बताया, “पहले तो किसी को शक नहीं हुआ। हमने सोचा कि सामान्य तबीयत खराब है, लेकिन जब आंखों से दिखना कम होने लगा और हालत बिगड़ने लगी, तब समझ आया कि कुछ गड़बड़ है।”

पत्नी ने कहा, “कमाने वाला चला गया, अब घर चलाना मुश्किल हो गया है। अब बच्चों का क्या होगा, यही चिंता सता रही है।”

छोटे भाई के कंधे पर आई बहन की शादी की जिम्मेदारियां

घर के आंगन में जहां कभी शादी की तैयारियों की गूंज थी, अब सन्नाटा पसरा है। महिलाएं रो-रोकर बेसुध हैं, जबकि पुरुष चुपचाप बैठकर हालात समझने की कोशिश कर रहे हैं।

परिवार का कहना है कि अब तक बेटे को इन जिम्मेदारियों से दूर रखा गया था, लेकिन अचानक सब कुछ उसके कंधों पर आ गया है। कम उम्र में ही उसे घर चलाने से लेकर बहन की शादी तक की जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी।

पीड़ित परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि समय रहते आर्थिक सहायता नहीं मिली, तो बेटी की शादी कर पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

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