जब सरहद के रखवालों की कलाई पर सजी राखी—घर से दूर जवानों को मिला बहनों का प्यार

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परिवार से दूर, मातृभूमि के करीब: 71वीं वाहिनी SSB के G समवाय बरहरवा में भावनाओं और देशभक्ति के रंग में मना रक्षाबंधन

स्थान — G समवाय बरहरवा, 71वीं वाहिनी SSB, मोतिहारी
विशेष रिपोर्ट — श्यामल प्रतीक

बरहरवा। किसी के घर में माता-पिता इंतजार करते हैं, किसी की बहन राखी की थाली सजाती है और किसी के बच्चे त्योहार पर अपने पिता के घर लौटने की राह देखते हैं। लेकिन देश की सरहद पर खड़ा जवान अपने परिवार से दूर रहकर भी एक बड़े परिवार—भारतवर्ष—की सुरक्षा को सबसे पहले रखता है।

ऐसे ही राष्ट्रसेवा के भाव के बीच सशस्त्र सीमा बल की 71वीं वाहिनी के G समवाय बरहरवा में रक्षाबंधन का पर्व बेहद आत्मीय और भावुक वातावरण में मनाया गया।

बहनों ने सीमा की सुरक्षा में तैनात SSB जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधा, तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनके सुरक्षित एवं दीर्घ जीवन की कामना की। जवानों की कलाइयों पर सजी राखियां इस अवसर पर केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं थीं, बल्कि उनमें देशवासियों का सम्मान, विश्वास और कृतज्ञता भी समाहित थी।

घर की राखी से दूर, लेकिन देश के स्नेह से नहीं

सीमा पर तैनात जवानों का जीवन सामान्य नहीं होता। पर्व हो या त्योहार, बारिश हो या कड़ी धूप—उनकी प्राथमिकता देश की सुरक्षा होती है। जब पूरा देश अपने परिवार के साथ त्योहार मनाता है, तब हजारों जवान चौकियों और सीमाओं पर खड़े होकर यह सुनिश्चित करते हैं कि देश के करोड़ों परिवार अपने घरों में सुरक्षित होकर त्योहार मना सकें।

बरहरवा में रक्षाबंधन का यह आयोजन इसी त्याग को सम्मान देने वाला दृश्य बना। बहनों द्वारा बांधा गया रक्षा सूत्र मानो जवानों से कह रहा था—आप अपने घरों से दूर जरूर हैं, लेकिन अकेले नहीं; पूरा देश आपका परिवार है।

SSB के जवान सीमा सुरक्षा के साथ सीमावर्ती गांवों और नागरिकों के साथ विश्वास एवं सहयोग का रिश्ता भी मजबूत करते रहे हैं। यही कारण है कि रक्षाबंधन जैसे अवसर पर वर्दी और समाज के बीच का रिश्ता एक परिवार के रिश्ते में बदलता दिखाई दिया।

🇮🇳 “वे घर छोड़ते हैं, ताकि हमारे घर सुरक्षित रहें”

रक्षाबंधन के इस अवसर की सबसे बड़ी भावना शायद यही है—
जो जवान अपने परिवार की खुशियों और त्योहारों से दूर रहकर दिन-रात मातृभूमि की सरहद की रक्षा करते हैं, उनकी कलाई कभी सूनी नहीं हो सकती। उस कलाई पर पूरे हिंदुस्तान का प्यार, सम्मान और विश्वास बंधा है।

सरहद पर खड़े इन प्रहरियों को सलाम—क्योंकि उनके जागते रहने से ही देश चैन की नींद सोता है। 🇮🇳

जय हिंद।

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