पीपरा के न्यू पोल पब्लिक स्कूल में आयोजन; विद्यालयों और परिवारों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने में उल्लेखनीय योगदान
श्यामल प्रतीक | चाणक्य न्यूज़ इंडिया
चकिया (पूर्वी चंपारण)। चकिया प्रखंड के पीपरा स्थित आवासीय न्यू पोल पब्लिक स्कूल में ‘पर्यावरण की पाठशाला’ सह पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। मोतिहारी वन प्रमंडल के सहयोग से नेत्रिका फाउंडेशन एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यालय स्तर पर पर्यावरण शिक्षा और हरियाली के महत्व को सामने रखा।
‘पर्यावरण की पाठशाला’ जैसे अभियानों की निरंतरता में पर्यावरणविद् विनय कुमार का योगदान विशेष महत्व रखता है। उनके पहले के कार्यक्रमों के साझा विवरण बताते हैं कि वे बच्चों, शिक्षकों और परिवारों को पर्यावरण जागरूकता तथा पौधारोपण से जोड़ने में सक्रिय रहे हैं। उनकी भूमिका की खासियत विद्यार्थियों को सीधे पौधा लगाने में सहभागी बनाना और पर्यावरण संरक्षण को उनके आसपास के जीवन से जोड़ना है।
कोटवा के शिवधर अनूठा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम इसका ठोस उदाहरण है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मोतिहारी वन प्रमंडल के सहयोग से हुई ‘पर्यावरण की पाठशाला’ में विनय कुमार और शिक्षक ऋषिकेश कुमार के नेतृत्व में बच्चों ने 100 पौधे लगाए थे। विद्यार्थियों की यह प्रत्यक्ष भागीदारी पर्यावरण शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव में बदलने की दिशा में उनके योगदान को स्पष्ट करती है।
विनय कुमार की सक्रियता विद्यालयों के साथ गांवों और परिवारों तक भी पहुंची है। 4 अक्टूबर 2026 को केबीसी विजेता सुशील कुमार के साथ उन्होंने ‘पांच फल लोकल’ अभियान के अंतर्गत कोटवा प्रखंड के गांधी ग्राम जसौली पट्टी में फलदार पौधारोपण किया था। स्थानीय परिवारों के आवासीय परिसरों में पौधे लगाने की यह पहल घरों के आसपास हरियाली बढ़ाने और परिवारों को संरक्षण के प्रयास से जोड़ने का उदाहरण है।
चंपारण में उनके पहले के कार्यों में 22 अप्रैल 2025 को मोतिहारी के लक्ष्मीपुर स्थित जवाहर इंटरनेशनल स्कूल का कार्यक्रम भी शामिल है। नेत्रिका फाउंडेशन और गांधी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में हुए उस आयोजन में उनकी भागीदारी रही थी। विद्यालय और समुदाय स्तर पर अलग-अलग अवसरों पर उनकी उपस्थिति पर्यावरण के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता को रेखांकित करती है।
इस व्यापक प्रयास में नेत्रिका फाउंडेशन, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, वन विभाग और विद्यालयों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम स्थित पोदार इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ‘पर्यावरण की पाठशाला’ में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन पर संवाद तथा बच्चों के साथ पौधारोपण हुआ था। ऐसे कार्यक्रम पर्यावरण शिक्षा को विद्यालयों में जगह देने की जरूरत सामने रखते हैं।
पीपरा में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय के संस्थापक एवं पूर्व प्रमुख विश्वनाथ पासवान, निदेशक विनय भारद्वाज और पूरे विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। विद्यालय परिवार का सहयोग ऐसी गतिविधियों के लिए आवश्यक आधार प्रदान करता है।
विनय कुमार के पुराने काम का महत्व बच्चों और परिवारों की सहभागिता में दिखाई देता है। कोटवा में विद्यार्थियों के साथ पौधारोपण और जसौली पट्टी में घरों तक फलदार पौधे पहुंचाने की पहल उनके योगदान के स्पष्ट उदाहरण हैं। इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए लगाए गए पौधों की देखभाल और पर्यावरण शिक्षा की निरंतरता आवश्यक है, ताकि आज की पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी हरियाली का आधार बने।
