वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लगा खीर का भोग, अंगवस्त्र और दुर्गा सप्तशती भेंट कर पंडित अजय उपाध्याय को किया सम्मानित
श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
रक्सौल, पूर्वी चंपारण। महालया के अवसर और शारदीय नवरात्र के शुभागमन पर शनिवार को भारत विकास परिषद्, शाखा रक्सौल, उत्तर बिहार प्रांत (पूर्वी क्षेत्र) के तत्वावधान में दक्षिणमुखी (राजदंडी) हनुमान मंदिर परिसर में खीर प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर दो बजे से श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटा गया। परिषद् ने आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय उपाध्याय के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजा-अर्चना हुई और हनुमान जी को खीर का भोग अर्पित किया गया। इस दौरान विश्व कल्याण, समस्त प्राणियों के सुख एवं शांति और आपसी सद्भाव की मंगलकामना की गई। मंदिर परिसर में परिषद् के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के बीच खीर प्रसाद वितरित किया।
कार्यक्रम में परिषद् के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने मुख्य पुजारी पंडित अजय उपाध्याय को अंगवस्त्र ओढ़ाकर और धार्मिक पुस्तक दुर्गा सप्तशती भेंट कर सम्मानित किया।
रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि महालया और नवरात्र आत्मशुद्धि, शक्ति की आराधना और मानव सेवा का संकल्प मजबूत करने के अवसर हैं। परिषद् सेवा, संस्कार, संपर्क, सहयोग और समर्पण के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना लाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदना और सभी के कल्याण की भावना धार्मिक आस्था को सार्थक बनाती है। उनके अनुसार, प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम लोगों के बीच आत्मीयता बढ़ाने और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव मजबूत करने का माध्यम हैं।
पंडित अजय उपाध्याय ने परिषद् की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि महालया और शारदीय नवरात्र शक्ति की आराधना तथा लोककल्याण की भावना को जागृत करने का समय है। वैदिक परंपरा में सभी प्राणियों के सुख और समस्त सृष्टि के कल्याण की कामना की जाती है। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा के ऐसे आयोजन लोगों में प्रेम, करुणा और सहयोग की भावना बढ़ाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं के सुख, शांति और मंगल की कामना की।
कार्यक्रम के संयोजक एवं परिषद् के संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया ने कहा कि परिषद् के कार्यक्रम समाज से आत्मीय संबंध बनाने और सेवा की भावना को व्यवहार में उतारने का प्रयास हैं। खीर प्रसाद वितरण का उद्देश्य श्रद्धालुओं के साथ खुशियां साझा करना और भक्ति तथा सद्भाव का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने सहयोग देने वाले सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता और आपसी सहयोग से सेवा कार्य सफल होते हैं।
आयोजन में सहयोग करने वाले मनोज कुमार सिंह और शरद सर्राफ ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में योगदान देना समाज के प्रति दायित्व निभाने का माध्यम है। ऐसे आयोजन लोगों को जनकल्याण के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं और सामूहिक सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
परिषद् के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने कहा कि कार्यक्रम ने सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के प्रति परिषद् की प्रतिबद्धता को व्यक्त किया। उन्होंने भक्ति के साथ सेवा और मानवीय आत्मीयता को जोड़ने पर जोर दिया। उनके अनुसार, पूजा-अर्चना के साथ सेवा और सहयोग के माध्यम से भी भक्ति का भाव व्यक्त होता है। उन्होंने समस्त मानव समाज के कल्याण की भावना को आयोजन का मूल संदेश बताया।
खीर प्रसाद वितरण में उमेश सिकारिया, मनोज कुमार सिंह, नीतेश कुमार सिंह, सुनील कुमार, बिमल कुमार सर्राफ, अजय कुमार, विजय कुमार साह, अरविंद जायसवाल, शरद सर्राफ, नैना सर्राफ, बन्टी केशान, रवि केशान, बेबी गोपेश्वरी, मंदीप कुमार, अमरेन्द्र कुमार, प्रणीत और प्रियांश सहित अन्य सदस्यों ने सहयोग किया। कार्यक्रम की जानकारी परिषद् के संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया और सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने दी।
