सीतामढ़ी। जिला मुख्यालय से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ सड़क किनारे लावारिस हालत में दो दर्जन से अधिक बोरियों में भरी सरकारी दवाएं बरामद की गई हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे भारी मात्रा में बोरों को संदिग्ध हालत में देखा। जब पास जाकर देखा गया तो उनमें सरकारी दवाएं भरी हुई थीं। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। बड़ी मात्रा में लावारिस दवाएं मिलने की खबर मिलते ही विभाग की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची और दवाओं को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में यह पुष्टि हुई है कि बरामद की गईं सभी दवाएं सरकारी आपूर्ति की थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश दवाएं अपनी मियाद पूरी कर चुकी थीं, यानी एक्सपायर्ड हो चुकी थीं।
प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ महिमा मोहन ने कहा की शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इन दवाओं को किसी गोदाम से लाकर यहाँ सुनसान जगह पर फेंक दिया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये दवाएं किस स्वास्थ्य केंद्र या मुख्य गोदाम से लाई गई थीं और इन्हें इस तरह सड़क किनारे क्यों डंप किया गया। वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला सिविल सर्जन ने इसे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही मानते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
विभाग की विशेष टीम पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्टॉक रजिस्टर और दवाओं के बैच नंबर का मिलान किया जा रहा है, जिससे यह पता चल सके कि यह खेप किस केंद्र को आवंटित की गई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया के लिए नीलमणि कुमार। रिपोर्टर सीतामढ़ी।
