पटना जू में मैसूर जू से नर जिराफ आएगा। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जानवरों की अदला-बदली होगी। जिराफ लाने को लेकर पहले कोलकाता जू से बातचीत हुई थी। मगर वहां से फीका रिस्पॉन्स मिला, जिसके बाद मैसूर से जिराफ लाया जाएगा।
नर जिराफ को पटना जू लाने का मुख्य उद्देश्य जिराफ के ब्लड लाइन को बदलकर उसके ब्रीडिंग को बढ़ावा देना है। ऐसे में अगर मैसूर जू मांग करेगी तो यहां से तीन साल के मादा शावक जिराफ को मैसूर जू एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भेजा जाएगा, क्योंकि पटना जू के पास अभी केवल एक मादा व्यस्क जिराफ मौजूद है।
वर्तमान में चार जिराफ पटना जू में हैं, जिनमें दो व्यस्क और दो शावक हैं। व्यस्क और शावक दोनों में एक नर और एक मादा है। व्यस्क नर जिराफ का नाम भीमा और व्यस्क मादा जिराफ का नाम सृष्टि है।
वहीं, इसी साल फरवरी में पटना जू में मादा जिराफ ‘शांति’ की मौत हो गई थी। उसकी उम्र 21 साल थी। पटना जू प्रशासन ने मौत का प्रारंभिक कारण प्रेगनेंसी कॉम्प्लिकेशंस बताया था। वर्तमान में शांति के 2 बच्चे “अमन और नंदनी” पटना जू में है।
USA से लाया गया था मादा जिराफ
शांति का जन्म दिनांक 20 जुलाई 2005 को यूएसए के सेन डियागो जू में हुआ था। 2006 में मादा जिराफ को सेन डियागो जू से पटना जू में वन्यजीव अदला-बदली कार्यक्रम के तहत लाया गया था। मादा जिराफ “शांति” के द्वारा 2011 में पटना जू में पहला बच्चा “नव्या” को जन्म दिया गया।
2011 से 2023 तक मादा जिराफ से 6 बच्चों को जन्म दिया गया है। मादा जिराफ के बच्चों को देश के अन्य चिड़ियाघरों- नंदनकानन जू, भुवनेश्वर, गुवाहटी जू, असम, मैसूर जू, कर्नाटक को दिया गया है।
