कोटा के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के क्वालिटी कंट्रोल विंग में 15 लाख के गबन मामले की जांच तेज हो गई है। चीफ इंजीनियर क्वालिटी कंट्रोल जयपुर कपिल वर्मा के निर्देश पर मामले की पड़ताल के लिए जयपुर स्थित PWD मुख्यालय से वित्तीय सलाहकार के नेतृत्व में चार अकाउंटेंट्स की टीम मंगलवार को कोटा पहुंची।
टीम ने पूरे दिन रिकॉर्ड खंगाले और अधिकारियों व प्राइवेट कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की।मंगलवार रात 8 बजे तक कार्रवाई जारी रही। टीम की मौजूदगी से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
PWD सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ में प्राइवेट कर्मचारी कुलदीप ने टीम को बताया कि अधिकारी के कहने पर ही उसने ई-ग्रास चालान बनाए थे।
कुलदीप ने कहा कि अधिकारी के कहने पर ही चालानों की राशि ठेकेदारों से उसके खाते में ऑनलाइन जमा (फोन पे) करवाई गई और कुछ रकम नकद भी ली गई।
उसने यह भी बताया कि क्वालिटी कंट्रोल में किराए पर लगी उसकी गाड़ी की व्यवस्था भी उसी अधिकारी द्वारा करवाई गई थी।
लैब में कार्यरत दोनों लैब सहायक राहुल और कन्हैया से जब जांच टीम ने पूछा कि चालान किसने बनाए। पहले तो दोनों ने कहा कि चालान हमारी आईडी से हमने ही बनाए। जांच टीम ने मौके पर चालान बनाने को कहा तो, दोनों इधर-उधर झांकने लगे, क्योंकि दोनों को ही ऑनलाइन चालान बनाना नहीं आता। इसके बाद टीम ने उनसे सख्ती से पूछताछ की।
राहुल की रोने जैसी स्थिति हो गई। फिर दोनों ने कहा कि ATO सर के कहने पर हमारे अकाउंट में पैसे जमा करवाए थे।
दिनभर में टीम ने संबंधित दस्तावेज, बैंक लेनदेन और ई-ग्रास रिकॉर्ड की भी जांच की है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही मुख्यालय को भेजी जाएगी। जिसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
चीफ इंजीनियर क्वालिटी कंट्रोल कपिल वर्मा ने बताया कि वित्तीय सलाहकार की अध्यक्षता में अकाउंट्स की टीम को जांच के लिए कोटा भेजा है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
