खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी पर बना 64 साल पुराना पुल भारी वाहनों का भार उठा रहा है, जबकि NHAI के पास इसकी सटीक क्षमता की जानकारी नहीं है। NHAI ने बताया
भारत-चीन युद्ध के समय खगड़िया के बूढ़ी गंडक नदी पर पुल बना था। एनएच 31 स्थित बूढ़ी गंडक पुल के सामांतर नया पुल भी है।दोनों पुलों से होकर वाहनों का परिचालन हो रहा है।
हैरत की बात है कि 64 साल पुराना पुल सौ टन का भार उठा रहा है, लेकिन इसकी क्षमता की जानकारी एनएचएआइ के पास नहीं है। दशकों पुराने इस पुल की मरम्मत बाद बीते दो वर्षों से इस होकर भारी वाहन सरपट दौड़ रहे हैं।
हालांकि गत वर्ष से इसके बगल में बना नया पुल पर आवागमन आरंभ होने से पुराने पुल पर भार कुछ कम हुआ है। अभी पुराना पुल पूरी तरह से सुरक्षित बताया जा रहा है।
बिना उद्घाटन के आवागमन शुरू
मालूम हो कि पुराना पुल तीन वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके बाद नव निर्मित पुल पर बिना उदघाटन के ही आवागमन आरंभ कर दिया गया। वर्ष 2023 में पुल के स्लैब का ऊपरी हिस्सा टूटने से नए पुल पर भी आवागमन बंद कर दिया गया। जिस कारण लगभग 20 दिनों तक बूढ़ी गंडक के दोनों पुलों पर आवागमन बंद रहा।
इसके 20 दिनों में पुराने पुल की मरम्मत की गई, उसके बाद पुराने पुल से आवागमन आरंभ किया गया। जो अब तक सही सलामत है। पुराने पुल की भार क्षमता की जानकारी एनएचएआइ के पास नहीं है।
बिना क्षमता जाने यहां भारी वाहनों का परिचालन बेधड़क हो रहा है। नए पुल पर लंबे जांच-पड़ताल और जरूरी आकलन कर मरम्मत बाद पुन: आवागमन आरंभ हुआ।एनएचएआइ बेगूसराय के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभिषेक कुमार ने कहा कि खगड़िया में बूढ़ी गंडक पर बने नए और पुराने पुल सुरक्षित हैं। जिसका निरंतर निरीक्षण हो रहा है। पुल भार की क्षमता को लेकर कहा कि बूढ़ी गंडक का नया पुल सौ टन क्षमता का है। पुराने पुल पर भी फिलहाल सौ टन के भार से आवागमन हो रहा है। किसी प्रकार की समस्या नहीं है।खगड़िया बूढ़ी गंडक के पुराने पुल का आरसीडी रिपोर्ट एनएचएआइ को नहीं दिया गया है। जिससे पूर्व के भार क्षमता की सटीक जानकारी नहीं है। इसे लेकर ऑडिट कराने की प्रक्रिया की जा रही है। पुल का आकलन- भार क्षमता व अन्य तकनीकी पहलू सहित अन्य बिंदुओं पर ऑडिट किया जाएगा।
