cM, डिप्टी CM ने की मुलाकात, CRPF के DIG भी मिलने पहुंचे; लालू के पड़ोसी बने
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित CM हाउस छोड़ दिया है, आज ही वो नए पते 7 सर्कुलर रोड शिफ्ट हो गए। बेटे निशांत कुमार भी अब इस नए आवास में उनके साथ रहेंगे।
नीतीश कुमार से मिलने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 7 सर्कुलर रोड पहुंचे। डिप्टी सीएम विजय चौधरी पहले से यहां मौजूद थे। इनके बीच करीब 20 मिनट बातचीत हुई, जहां मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की गई।
इससे पहले आज सुबह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव के आवास पहुंचे। उनके आवास पर वो करीब 10 मिनट तक रुके।
कल नए आवास पर हुई पूजा
शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर नीतीश कुमार ने नए बंगले में विधिवत पूजा-अर्चना की थी। निशांत कुमार भी मौजूद रहे और पूजा के लिए बौद्ध भिक्षुओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। पूजा के बाद वह वापस 1 अणे मार्ग लौट गए थे।
शनिवार सुबह तक उनके सामान को नए आवास में शिफ्ट करने का काम जारी रहा। बंगले को फूलों से सजाया गया है और सुरक्षा के मद्देनज़र यहां Z+ श्रेणी की सुरक्षा पहले ही तैनात कर दी गई है।
0 सालों में ये दूसरी बार है, जब नीतीश कुमार CM हाउस छोड़कर 7 सर्कुलर वाले बंगले में शिफ्ट हुए। 2014 लोकसभा चुनाव हारने के बाद उन्होंने CM पद छोड़ दिया था। जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। तब वे रहने के लिए 7 सर्कुलर रोड बंगले आ गए थे। करीब 8 महीने इस बंगले में रहे थे।
7 सर्कुलर रोड होगा नीतीश कुमार का नया आवास
नीतीश कुमार जिस 7 सर्कुलर रोड आवास में गए हैं, उसे उन्होंने अपनी विशेष देखरेख में तैयार करवाया है। इस बंगले की कुछ खास विशेषताएं हैं।
यह बंगला आधुनिक तकनीक से बना है। बड़े भूकंप के झटकों को सहने में सक्षम है। बंगले के लॉन को खास लुक देने के लिए कोलकाता से मंगवाकर घास लगाई गई है। इस आवास का उपयोग मुख्यमंत्री के कार्यालय (CM Office) के रूप में किया जा रहा था।
लालू प्रसाद यादव के पड़ोसी बने नीतीश कुमार
इस आवास में शिफ्ट होने के बाद नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक-दूसरे के पड़ोसी बन गए। यहां से राबड़ी आवास बस दो घर बाद है। दोनों बंगलों के बीच की दूरी करीब 200 मीटर होगी। दोनों घर सर्कुलर रोड के दक्षिण तरफ है।
नंबर 7 से है नीतीश को लगाव
नीतीश कुमार अपने लिए नंबर 7 को लकी मानते हैं। वह केंद्र सरकार में रेल मंत्री बने थे, तब उनके फोन नंबर का अंतिम अंक 7 था।
नीतीश जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो उन्हें जो गाड़ी मिली थी उसका नंबर 777 था। नीतीश ने 1977 में राजनीति शुरू की थी।
1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने थे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को 7 निश्चय नाम दिया। अभी बिहार सरकार 7 निश्चय पार्ट-3 पर काम कर रही है
