बिहार के CM सम्राट चौधरी ने जनता से अपील की है कि लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। प्राइवेट और सरकार ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाए। मंत्री और जनप्रतिनिधि अपनी गाड़ियों को कम करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे रखा जाए।
दरअसल PM मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें।
वहीं सम्राट चौधरी के काफिले में पहले 19 गाड़ियां थीं, जिसकी संख्या को घटाकर 11 कर दी गई हैं।
बिहार में मंत्रियों ने काफिले में कटौती शुरू की
काफिले को कम करने और फ्यूल कम खर्च करने की अपील का असर अब बिहार सरकार में भी साफ दिखाई देने लगा है। नई सरकार बनने के बाद मंत्रियों के काफिले में कटौती शुरू हो गई है।
पहले जहां मंत्री आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ निकलते थे, वहीं अब कई मंत्री सिर्फ एक या दो गाड़ियों में ही कार्यक्रमों और बैठकों में पहुंच रहे हैं।
आज पटना सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान इसका साफ असर देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को इलेक्ट्रिक गाड़ी से सचिवालय पहुंचे।
एक गाड़ी में पहुंचे कई मंत्री
कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे कई मंत्रियों ने अपने काफिले को काफी छोटा कर दिया। खास बात यह रही कि मंत्री आशोक चौधरी, जमा खान और मदन सहनी एक ही गाड़ी में सचिवालय पहुंचे।
आमतौर पर मंत्रियों के साथ कई एस्कॉर्ट और सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियां चलती थीं, लेकिन इस बार तस्वीर काफी अलग नजर आई। कई मंत्री सिर्फ एक वाहन के साथ ही पहुंचे।
सुशील मोदी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे CM
कैबिनेट मीटिंग से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सुशील कुमार मोदी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने राजेंद्र नगर स्थित स्मृति पार्क पहुंचे। यहां भी मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि, ‘सुशील मोदी ने बिहार की राजनीति में ईमानदार और विकास आधारित राजनीति की मिसाल पेश की थी।’
वहीं, तीन मंत्री एक ही गाड़ी में सवार होकर वैशाली के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। हालांकि, उनके पीछे कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों समेत आठ गाड़ियों का काफिला भी नजर आया।
मंत्रियों ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ईंधन बचाओ’ अपील से प्रेरित होकर यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि एक साथ यात्रा करने से दो मंत्रियों की गाड़ियों पर होने वाला खर्च बचेगा।
वैशाली के महुआ में आयोजित कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री संजय सिंह, गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री संजय पासवान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान शामिल हुए।
तीनों मंत्रियों ने अलग-अलग काफिलों के बजाय एक ही सरकारी गाड़ी से यात्रा की।औरंगाबाद में व्यवहार न्ययालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजवी रंजन कुमार ने फ्यूल बचाने के लिए अपनी लग्जरी कार छोड़ दी और साइकिल से कोर्ट पहुंचे। उनके साथ फैमिली कोर्ट के जज अरुण कुमार, पेशकार आत्मानंद राय और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवान भी साइकिल पर नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। बुधवार को वह कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए अपने आवास से कार्यालय तक महज दो गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे।
इससे पहले PM ने भी हाल ही में गुजरात और असम दौरे पर अपने काफिले को छोटा रखा था और केवल उन्हीं गाड़ियों को शामिल किया, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी थीं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी संभव हो, काफिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियां शामिल की जाएं। PM के अलावा गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या आधी कर दी है
- जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें।
- विदेश में रहने वाले भारतीयों से कहूंगा कि कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत घुमाने लाइए।
- सोने के आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है। जब तक हालात सामान्य न हों, हम सोने की खरीद टालें। गोल्ड की जरूरत नहीं है।
- अगर लोग खाने के तेल का कम उपयोग करें तो इससे देश और शहर दोनों को फायदा होगा
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देशहित में लोगों को एक साल तक सोना खरीदने और दान करने से बचना चाहिए।
अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें, मेट्रो में सफर और कारपूलिंग करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें बिठाकर ले जाएं।
देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए और तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए।
शादियों, छुट्टियों और अन्य कारणों से विदेश यात्रा कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा।

