रणथंभौर बाघ परियोजना में वन्यजीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन
ब्लू स्टार सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए फिल्म स्क्रीनिंग व परिचर्चा आयोजित; कराया गया रणथंभौर का शैक्षणिक भ्रमण
सवाई माधोपुर, 6 अक्टूबर 2026।
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रणथंभौर बाघ परियोजना, सवाई माधोपुर के तत्वावधान में 1 अक्टूबर 2026 से 8 अक्टूबर 2026 तक वन्यजीव सप्ताह 2026 का आयोजन बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक रणथंभौर बाघ परियोजना श्री एस. पी. सिंह (शारदा प्रताप सिंह) एवं उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक रणथंभौर बाघ परियोजना सवाई माधोपुर मानस सिंह (आईएफएस) के निर्देशन में आयोजित इस वन्यजीव सप्ताह कार्यक्रम में सोशियोलॉजिस्ट सुश्री ममता साहू द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का सुचारु क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इसी श्रृंखला में आज 6 अक्टूबर को ब्लू स्टार सेकेंडरी स्कूल में वन्यजीव आधारित विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। फिल्म स्क्रीनिंग के माध्यम से बच्चों को रणथंभौर की समृद्ध जैव विविधता, वनों की महत्ता और वन्यजीवों के प्राकृतिक पर्यावास की रोचक झलकियाँ दिखाई गईं। इसके उपरांत फील्ड बायोलॉजिस्ट मोहम्मद मेराज द्वारा विद्यार्थियों के साथ वन्यजीव संरक्षण, ईकोसिस्टम के संतुलन तथा वन्यजीवों के व्यवहार पर एक संवादात्मक व ज्ञानवर्धक परिचर्चा (डिस्कशन) की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं और उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर सोशियोलॉजिस्ट सुश्री ममता साहू द्वारा विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के बहिष्कार का संदेश देते हुए ईको-फ्रेंडली जूट के बैग, ज्ञानवर्धक बुकलेट, स्टिकर्स एवं रणथंभौर बाघ परियोजना के आकर्षक ब्रोच (बैज) वितरित किए गए।
विशेष पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों को वनों व वन्यजीवों का प्रत्यक्ष अनुभव कराने हेतु रणथंभौर नेशनल पार्क का शैक्षणिक वन भ्रमण भी करवाया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने जंगल के प्राकृतिक परिवेश, पेड़-पौधों, ग्रासलैंड और वन्यजीवों को करीब से देखा व समझा।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए आह्वान किया कि वे पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनें और अपने दैनिक जीवन में प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेकर एक जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएँ।
रणथंभौर बाघ परियोजना द्वारा जन-जागरूकता एवं विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने के इस महाभियान के तहत आगामी दिनों में भी विविध कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।

