यातायात थाना में हाईलेवल बैठक, मीना बाजार से छतौनी चौक तक फ्लैग मार्च; ठेला, अवैध पार्किंग और ट्रैफिक अव्यवस्था पर सख्ती के निर्देश
विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण।
मोतिहारी शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने अब संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने यातायात थाना मोतिहारी में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने मीना बाजार से छतौनी चौक तक फ्लैग मार्च कर स्वयं सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया।
बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर मोतिहारी, यातायात प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और चौराहों पर लगने वाले जाम के कारणों की समीक्षा की और व्यवस्था सुधारने के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
मुख्य सड़कों और चौराहों से हटेंगे ठेले
प्रशासन की समीक्षा में सामने आया कि शहर के मुख्य बाजारों और व्यस्त मार्गों पर जहां-तहां ठेला लगाए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए निर्देश दिया गया कि मुख्य पथों एवं महत्वपूर्ण चौराहों के आसपास ठेला नहीं लगाया जाए।
विशेष रूप से छतौनी चौक के आसपास लगने वाले ठेलों को नरेगा पार्क में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। ठेला संचालकों को इसकी जानकारी देने के लिए पहले माइकिंग कराई जाएगी, ताकि नई व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके।
सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग पर भी नजर
शहर में तीन पहिया और चार पहिया वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देने के कारण भी कई स्थानों पर यातायात बाधित होता है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क किनारे अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों पर नजर रखी जाए। वाहन चालकों से आवश्यक पूछताछ कर वाहनों को तत्काल हटाया जाए, जिससे सड़कों पर यातायात का प्रवाह बना रहे।
बढ़ेगी ट्रैफिक पेट्रोलिंग
यातायात व्यवस्था को केवल प्रमुख चौराहों तक सीमित न रखते हुए पूरे शहर में ट्रैफिक पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को लगातार सक्रिय रहकर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया है।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि किसी भी इलाके में लंबे समय तक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस बल पहुंचकर यातायात सामान्य कराए।
बैठक के बाद खुद सड़क पर निकले डीएम–एसपी
बैठक समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्वयं मीना बाजार से छतौनी चौक तक फ्लैग मार्च किया। दोनों अधिकारियों ने शहर के सबसे व्यस्त हिस्सों में यातायात की वास्तविक स्थिति देखी और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों का स्वयं सड़क पर उतरना प्रशासन की इस कवायद को खास बनाता है। इससे यह संदेश भी गया कि यातायात सुधार की योजना सिर्फ बैठक और निर्देशों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसकी जमीनी निगरानी भी की जाएगी।
सख्ती के साथ जनसहयोग भी जरूरी
मोतिहारी में बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यातायात पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में केवल पुलिस कार्रवाई से स्थायी समाधान संभव नहीं है। दुकानदारों, ठेला संचालकों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करना होगा।
यदि प्रशासन के निर्देशों का नियमित अनुपालन और प्रभावी निगरानी होती रही, तो शहर को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
फिलहाल डीएम और एसपी की संयुक्त पहल से यह साफ है कि मोतिहारी की सड़कों को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन अब एक्शन मोड में है।
