BPSC TRE-4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर आज फिर पटना में कैंडिडेट्स का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन से पहले पुलिस ने छात्र नेता रिंकल यादव को घसीटते हुए हिरासत में लिया है। अभ्यर्थी जंजीर पहनकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
रिंकल यादव पीयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे। रिंकल को तेजप्रताप यादव ने समर्थन दिया था। महिला अभ्यर्थियों को भी पुलिस घसीटकर ले गई है।
छात्रों के प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि, सरकार इस पर काम कर रही है। छात्रों को उकसाया जा रहा है। इस प्रदर्शन में कुछ बाहरी लोग हैं। हालांकि, मिथिलेश तिवारी ने वैकेंसी कब आएगी, इसकी जानकारी नहीं दी।
उससे पहले पुलिस ने छात्र नेता खुशबू पाठक को हिरासत में ले लिया। पटना कॉलेज के इलाके में भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है। जो भी छात्र आंदोलन में शामिल होने पहुंच रहे हैं, उन्हें पुलिस थाने ले जा रही है। वाटर कैनन की गाड़ी भी बुलाई गई है।
- पुलिस ने पटना कॉलेज के गेट बंद कर दिया है। कैंडिडेट्स को हिरासत में लिया जा रहा है।
- पुलिस लड़कियों को भी घसीटकर थाने ले जा रही है।
- मंगलवार शाम पुलिस ने शिक्षकों को बुलाकर आंदोलन से दूर रहने की चेतावनी दी।
- शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बोले- आंदोलन में बाहरी लोगों का हाथ है।
भास्कर इंटरव्यू में शिक्षा मंत्री ने क्या कहा-
सवाल: नई सरकार बनते ही TRE-4 की तैयारी कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज कर दिया गया?
जवाब: यह मेरे लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि वे उस दिन प्रदर्शन करने वाले थे। मैं अपने कार्यालय कक्ष में काम संभाल रहा था, तभी मीडिया के जरिए पता चला कि TRE-4 के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ है। मैंने तुरंत पुलिस के सीनियर अफसरों से बात की।
सवाल: टीचर बहाली के लिए कब से आवेदन लिए जाएंगे? कई युवाओं को जेल भी जाना पड़ा है?
जवाब: इसकी पूरी तैयारी विभाग में चल रही है। बहुत जल्द इसके सुखद परिणाम सामने आएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस मुद्दे पर बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने मुझे और ACS को बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हम तेजी से वर्कआउट कर रहे हैं। आप देखेंगे, जल्द अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
TRE-4 को लेकर शिक्षा मंत्री का पूरा इंटरव्यू भी पढ़िए
पुलिस ने शिक्षकों को देर शाम धमकाया
मंगलवार को देर शाम बैठक के दौरान प्रशासन ने शिक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने साफ कहा कि अगर छात्रों की ओर से किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि होती है और उसमें किसी शिक्षक की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित शिक्षकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
शिक्षक गुरु रहमान ने बैठक के बाद कहा, ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षक ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे माहौल खराब हो।’
गुरु रहमान ने कहा कि इससे पहले पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर की ओर से भी जल्द नोटिफिकेशन जारी होने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक अभ्यर्थियों को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इसी वजह से छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
इससे पहले 8 मई को भी TRE-4 अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से मार्च निकालकर जेपी गोलंबर तक प्रदर्शन किया था। इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था।
अभ्यर्थियों का आरोप था कि पुलिस ने उन्हें सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई छात्रों के सिर फट गए थे। महिला अभ्यर्थियों के साथ भी बदसलूकी के आरोप लगे थे।
कैंडिडेट्स ने कहा था, “हम आने वाले भविष्य के शिक्षक हैं, लेकिन पुलिस हमें गुंडों की तरह पीट रही है।”
लाठीचार्ज के बाद सड़क पर अभ्यर्थियों की चप्पलें बिखरी नजर आई थीं। कई छात्रों के कपड़े खून से सने हुए थे। विरोध में कुछ अभ्यर्थियों ने आधे कपड़े उतारकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी भी की थी।
