रक्सौल में बीस सूत्री की बैठक में विभागों के कामकाज पर उठे सवाल, कई मामलों में मांगा गया स्पष्टीकरण

मनरेगा से ICDS, खाद्य आपूर्ति और शिक्षा तक योजनाओं की समीक्षा; अगली बैठक में अद्यतन रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज के साथ उपस्थित होने का निर्देश

श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
चाणक्य न्यूज़ इंडिया

रक्सौल। प्रखंड क्षेत्र में संचालित सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को प्रखंड सभागार में आयोजित बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठे। समिति के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, बाल विकास परियोजना (ICDS), खाद्य एवं आपूर्ति, शिक्षा, पंचायती राज, वृद्धा पेंशन और मध्याह्न भोजन योजना सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान सदस्यों ने कई विभागों के कामकाज और योजनाओं से संबंधित जानकारी को लेकर सवाल उठाए। संबंधित विभागों से आवश्यक सूचना एवं स्पष्टीकरण मांगते हुए अगली बैठक में अद्यतन रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया।

सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर

समिति सदस्य मो. एहतेशाम ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि अगली बैठक में संबंधित विभाग मांगी गई सभी सूचनाओं के साथ योजनाओं की अद्यतन सूची प्रस्तुत करें। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने और उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

ICDS को लेकर बैठक में उठे कई सवाल

बैठक में बाल विकास परियोजना (ICDS) से जुड़े विषय प्रमुखता से सामने आए। सदस्यों ने सीडीपीओ कार्यालय में अनावश्यक रूप से लोगों के जमावड़े का मुद्दा उठाते हुए कार्यालय की गतिविधियों में अधिक पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता बताई। इसके लिए कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी की गई।

इसी क्रम में कथित रूप से फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर सेविका के पद पर कार्य करने से जुड़े एक मामले को भी समिति के समक्ष उठाया गया। सदस्यों ने संबंधित विभाग से इस मामले की जानकारी और वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने को कहा। साथ ही सीडीपीओ कार्यालय के प्रभार को लेकर भी जानकारी मांगी गई कि सीडीपीओ किन-किन तिथियों को कार्यालय के प्रभार में रहती हैं।

MDM और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था भी समीक्षा के दायरे में

बैठक में मध्याह्न भोजन योजना (MDM), खाद्य एवं आपूर्ति सहित अन्य विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की स्थिति और लाभुकों से जुड़ी आवश्यक जानकारी मांगी।

समिति ने स्पष्ट किया कि जिन बिंदुओं पर जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनसे संबंधित विभाग अगली समीक्षा बैठक में आवश्यक दस्तावेज और अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि योजनाओं की वास्तविक प्रगति की समीक्षा की जा सके।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में बीस सूत्री समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पटेल, सदस्य सह विधायक प्रतिनिधि मोती बैठा, सदस्य सह पूर्वी मुखिया मो. एहतेशाम, सदस्य सह मंडल अध्यक्ष रिंकू पांडेय, सदस्य सुबोध कुमार सिंह, विनय कुमार, सिमरन पटेल, अशोक कुमार, सीता पांडेय, शिव शंकर प्रसाद, शेख बेचू और सुरेश प्रसाद उर्फ मंटू गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

वहीं विभिन्न विभागों की ओर से बाल विकास परियोजना की महिला पर्यवेक्षिका प्रियंका कुमारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्राण रंजन प्रसाद, बिजली विभाग के कनीय अभियंता रवि कुमार, नगर परिषद के कनीय अभियंता अविनाश कुमार तथा पीएचईडी के अर्जुन कुमार समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का संदेश साफ—योजनाओं की सिर्फ समीक्षा नहीं, अब जवाबदेही पर भी जोर

बीस सूत्री की इस बैठक में जिस तरह विभागवार योजनाओं की जानकारी मांगी गई और लंबित सवालों पर अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, उससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर समिति का रुख स्पष्ट दिखाई दिया। अब निगाह अगली बैठक पर रहेगी, जहां संबंधित विभागों को उठाए गए बिंदुओं पर दस्तावेज और अद्यतन स्थिति के साथ जवाब देना होगा।

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