गरफोर्ट तहसील क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे कस्बे को झकझोर कर रख दिया।

नगरफोर्ट तहसील क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे कस्बे को झकझोर कर रख दिया। खेत पर चारा लेने गए किसान पिता-पुत्र की ट्रांसफार्मर से उतरे करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। एक ही परिवार से पिता और पुत्र की एक साथ मौत होने से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार नगरफोर्ट निवासी रमेश गुर्जर पुत्र बद्रीलाल गुर्जर उम्र 37 वर्ष एवं उसके पिता बद्रीलाल गुर्जर पुत्र छितर लाल गुर्जर उम्र 65 वर्ष रविवार सुबह करीब 8 बजे अपने खेत पर ट्रैक्टर लेकर चारा काटने के लिए गए थे। खेत में विद्युत विभाग का ट्रांसफार्मर रखा हुआ था, जिसमें अचानक करंट उतर आया। बताया जा रहा है कि खेत में फैले करंट की चपेट में आने से दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी उस समय हुई जब रमेश गुर्जर की पत्नी पशुओं को लेकर खेत पर पहुंची। खेत के समीप पहुंचते ही उसे बिजली के करंट का झटका महसूस हुआ। उसने आसपास देखा तो ट्रांसफार्मर के पास उसका पति और ससुर बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और मदद के लिए चिल्लाने लगी, लेकिन आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके बाद वह दौड़कर पास के खेत में काम कर रहे दिनेश खाती के पास पहुंची और घटना की जानकारी दी।
प्रत्यक्षदर्शी दिनेश खाती ने तुरंत विद्युत विभाग के लाइनमैन को फोन कर बिजली सप्लाई बंद करवाई तथा पुलिस और परिजनों को सूचना दी। जब तक ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक दोनों किसान दम तोड़ चुके थे। हादसे की खबर मिलते ही पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।
सूचना मिलने पर नगरफोर्ट थाना अधिकारी बाबूलाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को नगरफोर्ट अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम करवाकर पंचनामा तैयार किया गया। बाद में शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए गए। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रांसफार्मर से करंट उतरने जैसी गंभीर घटना के बावजूद काफी देर तक कोई विद्युत कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते ट्रांसफार्मर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाती तो यह हादसा टल सकता था।

मृतक रमेश गुर्जर अपने परिवार का पालन-पोषण खेती से करता था। उसके परिवार में पत्नी, 12 वर्षीय पुत्री और 8 वर्षीय पुत्र हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता और पुत्र की एक साथ मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दोपहर बाद दोनों पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। एक ही घर से दो अर्थियां उठने का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरे कस्बे में दिनभर शोक का माहौल बना रहा।

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