BIHAR में हुई एनडीए की बड़ी जीत के बाद, नई सरकार में लगभग 18 संभावित NDA मंत्री (कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले नेता) के नाम और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि की चर्चा हो रही है। चूंकि अभी तक पूरी आधिकारिक घोषित सूची नहीं बनी है, इसलिए नीचे वह अनुमान है जो सत्ताधारियों, मीडिया सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा संभावित माना जा रहा है:
बिहार की नई NDA सरकार में संभावित 18 मंत्री — अनुमानित सूची और विश्लेषण

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नीतीश कुमार (JD(U))
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एनडीए के सबसे बड़े सहयोगी नेता और बेहद अनुभवी मुख्यमंत्री। साथ ही मंत्री-मंडल के हिस्से के रूप में साथियों की रणनीति को तेज़ी से आगे बढ़ा सकते हैं।
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लालन सिंह (JD(U))
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जेडीयू के वरिष्ठ नेता, पार्टी के भीतर उनका वज़न बहुत है। भविष्य में महत्वपूर्ण विभाग मिल सकते हैं।
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विजय कुमार चौधरी (JD(U))
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पहले भी मंत्री रह चुके हैं। पानी संसाधन, संसदीय कार्य जैसे विभागों में उनकी भूमिका हो सकती है।
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श्याम राजक (JD(U))
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पिछली बार उद्योग विभाग में मंत्री रहे हैं। उन्हें पुनः मंत्री पद मिलने की संभावना हो सकती है।
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संजय सारोगी (BJP)
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बीजेपी के विधायक हैं और हाल ही में भाजपा-जूडू कैबिनेट विस्तार में शामिल किए गए थे।
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डॉ. सुनील कुमार (BJP)
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बिहार शरीफ से बीजेपी विधायक। पिछली बार कैबिनेट में शामिल किए गए नए चेहरे में से एक।
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जिबेश कुमार / मिश्र / मिश्रा (BJP)
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जले से बीजेपी विधायक हैं, और उन्हें मंत्री पद के लिए नामांकन की संभावना है।
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राजू कुमार सिंह (BJP)
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साहेबगंज (मुज़फ्फरपुर) से विधायक। पिछली बार मंत्री बने थे।
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मोटी लाल प्रसाद (BJP)
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बीजेपी विधायक, हाल के कैबिनेट विस्तार में शामिल किए गए थे।
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विजय कुमार मंडल (BJP)
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सिख्ती सीट से विधायक; नए मंत्री पद को लेकर चर्चा में हैं।
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कृष्ण कुमार मांटो (BJP)
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अमनौर क्षेत्र से बीजेपी के विधायक। संभावना है कि उन्हें मंत्रालय दिया जाए।
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लोजपा-रामविलास (LJP-RV) का कोई नेता
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मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नई कैबिनेट में LJP-RV (रामविलास पासवान) को तीन मंत्री पद मिल सकते हैं।
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जीतन राम मांझी (हम — Hindustani Awam Morcha)
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मांझी का एनडीए में असर है और उन्हें एक मंत्री पद मिलने की संभावना है।
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रालोसपा (उपेंद्र कुशवाहा) का नेता
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रिपोर्ट्स के मुताबिक RALOSP (लोक मोर्चा) को एक मंत्री पद मिल सकता है।
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अन्य JDU जवान नेतृत्व
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एनडीए में जेडीयू की हिस्सेदारी को देखते हुए अन्य युवा जेडीयू नेताओं को भी मंत्री पद मिल सकता है, खासकर ऐसे जिन्होंने पिछले चुनावों में अहम योगदान दिया हो।
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बीजेपी के अन्य नए चेहरे
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बीजेपी ने हाल ही में अपने कुछ नए विधायक-मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया है; इनमें से कुछ नए विभागों के लिए हो सकते हैं।
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समुदाय और जाति संतुलन को ध्यान में रखते हुए चयन
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बिहार राजनीति में मंत्री चयन में जातीय समीकरण की बड़ी भूमिका होती है — इसलिए ब्राह्मण, OBC, पिछड़े तबकों से अन्य NDA नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है, ताकि गठबंधन का संतुलन बना रहे।
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डिप्टी CM के संभावित नाम में मंत्री का दायित्व
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मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि डिप्टी सीएम के कुछ दावेदारों में से कोई मंत्री पद के साथ डिप्टी सीएम बन सकता है।
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विश्लेषण — क्यों ये नाम संभावित हैं:
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सीट शेयरिंग और मंत्रिमंडल फॉर्मूला: नवीनतम रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जेडीयू को लगभग 15 मंत्री, बीजेपी को 16, लो जपा (रामविलास) को 3, HAM (मांझी) को 1 और रालोसपा को 1 मंत्री पद मिल सकता है।
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पिछला अनुभव: कई नाम — जैसे विजय कुमार चौधरी, श्याम राजक — पहले भी मंत्रिमंडल में रह चुके हैं, इसलिए पुनः शामिल किए जाने की संभावना अधिक है।
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नए चेहरे: बीजेपी ने हाल ही में 7 नए एमएलए को मंत्री पद पर लाया है, जो यह संकेत देता है कि अगले मंथन में और अधिक बदलाव हो सकते हैं।
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गठबंधन संतुलन: एनडीए गठबंधन में सिर्फ भाजपा और जेडीयू ही नहीं, बल्कि लोजपा-RV, HAM, रालोसपा जैसे दलों को भी मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी मिल सकती है ताकि राजनीतिक समीकरण मजबूत बनाए रखा जाए।
